सिरसा। खुशियां मनाते हुए महिला अधिवक्ता।
सिरसा। बार एसोसिएशन की मांग को मानते हुए सरकार ने बड़ागुढ़ा व रोड़ी पुलिस थाना को फिर से सिरसा कोर्ट से जोड़ दिया है। वीरवार को गृह विभाग की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई। अधिसूचना जारी होते ही पिछले 53 दिनों से चली आ रही सिरसा के वकीलों की हड़ताल समाप्त हो गई।
सिरसा बार एसोसिएशन के प्रधान आदित्य राठौड व उपप्रधान लक्की दुग्गल ने सरकार के इस फैसले पर खुशी जाहिर करते हुए इसे वकीलों के संघर्ष की जीत बताया है। सरकार के फैसले के बाद अब बड़ागुढ़ा व रोड़ी पुलिस थाने के जितने भी केस डबवाली कोर्ट मेंं शिफ्ट हो गए थे,वे सभी अब फिर से सिरसा कोर्ट मेंं शिफ्ट हो जाएंगे। ऐसे केसों की संख्या करीब 710 है।
बता दें कि 2 दिसंबर 2023 को प्रदेश सरकार ने बड़ागुढ़ा व रोड़ी पुलिस थाना को सिरसा कोर्ट से हटाकर डबवाली कोर्ट से जोड़ दिया था। इस पर सिरसा बार एसोसिएशन ने एतराज जताते हुए 3 दिसंबर से इस फैसले के खिलाफ हड़ताल शुरू कर दी। जिससे करीब 15 हजार केसों की सुनवाई प्रभावित होने लगी। लोग पेशी पर आते और अगली तारीख लेकर चले जाते। 53 दिनों तक सिरसा की अदालतोंं मेंं किसी भी केस की सुनवाई नहीं हो सकी।
वकीलों की हड़ताल से प्रदेश सरकार पर भी का काफी दबाव आ गया। जिसके बाद सरकार ने वकीलों की मांग मानते हुए बड़ागुढ़ा व रोड़ी पुलिस थाना को फिर से सिरसा कोर्ट से जोड़ने का फैसला करते हुए इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी।
गृहमंत्री से बातचीत के बाद जगी थी उम्मीद
बता दें कि बार एसोसिएशन के पदाधिकारी व सदस्य मुख्यमंत्री मनोहर लाल व गृहमंत्री अनिल विज से मिलने चंडीगढ़ गए थे। वहां उन्होंने इस संबंध में अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि इस फैसले से 71 गांवों के हजारों ग्रामीणों व सिरसा के वकीलों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। बार एसोसिएशन ने गृहमंत्री को बताया कि दोनों थाना क्षेत्र के गांवों से डबवाली कोर्ट 50 से 60 किलोमीटर दूर है जबकि सिरसा कोर्ट 8 से 30 किलोमीटर दूरी पर है।