सिरसा। आशा वर्कर्स एंड हेल्पर्स यूनियन से जुड़े कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर टाऊन पार्क में एकत्रित होकर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने ज्ञापन की कॉपी स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्रालय, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय एवं मानव संसाधन विकास मंत्रालय को भी प्रेषित की है।
इस मौके पर सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान मदनलाल खोथ व सीटू से विजय ढूकड़ा ने बताया कि कर्मचारी पिछले काफी समय से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। लेकिन सरकार सुनवाई नहीं कर रही है। प्रधान ने कहा कि मांगों को लेकर बहुत बार विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंप चुके है लेकिन किसी प्रकार की समस्या का समाधान नहीं हुआ है। जिसके कारण आज हमें प्रदर्शन करने पर मजबूर होना पड़ा है। कर्मचारियों ने बताया कि सरकार प्ले स्कूल की तर्ज पर आंगनबाड़ियों को निजी हाथों में सौंपने का काम करने जा रही है जो कि सही नहीं है। वहीं विभाग द्वारा बार-बार ऑनलाइन काम करने का दबाव बनाया जाता है। लेकिन कर्मचारी पहले ही कह चुके हैं कि जब तक कार्यकर्ताओं स्मार्ट फोन व नेट का खर्चा नहीं देंगे तब तक कोई भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ऑनलाइन काम नहीं करेंगी। वहीं अपनी ओर मांगे बताते हुए प्रधान ने बताया कि सभी योजना कर्मचारियों को फ्रंटलाइन वर्कर अधिसूचित करें, जिन्हें कोविड ड्यूटी में नियुक्त किया गया था। कोविड में लगे फ्रंटलाइन वर्कर्स के लगातार टेस्ट व चेकअप होने चाहिए, ताकि वे अपने आप को भी स्वस्थ रख सकें। स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए जीडीपी का 6 प्रतिशत आवंटित किया जाए। सभी फ्रंटलाइन वर्करों को 50 लाख की बीमा कवर दिया जाए। कोविड में लगे सभी फ्रंट वर्कर्स को दस हजार रुपये अतिरिक्त जोखिम भत्ता दिया जाए। ड्यूटी पर रहकर संक्रमित हुए कर्मचारियों को दस लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। यदि संबंधित विभाग द्वारा कर्मचारियों की मांगों को पूरा नहीं किया तो जल्द ही बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
दमकल कर्मचारियों ने काले झंडे लेकर किया रोष प्रदर्शन
सिरसा। दमकल कर्मचारियों ने काले झंडे लेकर अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। जिसकी अध्यक्षता जिला प्रधान राजेश खिचड़ ने की।
प्रधान ने बताया कि सरकार के साथ 25 अप्रैल व 17 अगस्त 2020 को हुए समझौते में मानी गई मांगों के पत्र व परिपत्र जारी न करने के विरोध में शुक्रवार को दमकल विभाग को राजस्व विभाग में मर्ज करने, गुरुग्राम के छंटनी ग्रस्त कर्मचारियों सहित अन्य सभी पालिकाओं, परिषदों, नगर निगमों व फायर कर्मचारियों को ड्यूटी पर लेने व अधीक्षक अभियंता को बिना शर्त बहाल करने की मांग को लेकर कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया है। केंद्र व राज्य सरकारें लगातार कर्मचारियों की मांगों के प्रति उदासीन रवैया अपना रही है। सरकार बार-बार कर्मचारियों के साथ समझौता कर उन्हें टरका रही है। सरकार कर्मचारियों के सब्र की परीक्षा ले रही है। कोरोना काल में भी कर्मचारियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर कार्य किया, लेकिन बावजूद इसके सरकार उनके साथ भेदभाव कर रही है। जिससे कर्मचारियों में सरकार के प्रति रोष है। प्रधान ने सरकार व विभाग को चेताते हुए कहा कि जल्द उनकी मांगों संबंधी ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इस मौके पर सुखदेव सिंह महासचिव, जिला सचिव राजेश कुमार जांगड़ा, फायर ऑपरेटर बलराम, सत्यबीर मुख्य शामक, सजन लांबा, सुरेंद्रपाल फायरमैन सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
टाउन पार्क में मांगों को लेकर प्रदर्शन करती मिड डे मिल कर्मचारी व अन्य।- फोटो : Sirsa