सिरसा। दिवाली के बाद प्रदूषण ज्यादा हो गया है। इसका असर अब दिखाई देने लगा है। मौसम में बदलाव होने से धुआं ऊपर नहीं जा रहा जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है। वहीं, लोगों को आंखों में जलन, रड़क होने की समस्या आने लगी हैं। नेत्र रोग विशेषज्ञों के अनुसार मरीजों की संख्या में दो दिन में 30 फीसदी तक इजाफा हुआ हैं, इनमें बच्चों की संख्या ज्यादा है। शनिवार को वायु गुणवत्ता 321 रही।
दिवाली पर हुई आतिशबाजी के साथ-साथ खेतों में भी पराली अवशेषों को आग के हवाले कर दिया गया। इससे धुआं ज्यादा हो गया है। शुक्रवार को नेशनल एयर क्वालिटी इंडेक्स में जिले का एक्यूआई लेवल 470 पर पहुंचा था। हालांकि शनिवार को एक्यूआई का स्तर कम हुआ और शनिवार को पीएम 2.5 स्तर 321 जबकि पीएम-10 स्तर 315 ऐवरेज रहा। हालांकि एक्यूआई शनिवार को पीएम-10 अधिकतम 417 तक भी दर्ज किया गया। इसका असर अब दिखाई देने लगा है। लोगों की आंखों में जलन की समस्या बढ़ी है और आंखें लाल होने, उनमें रड़क होने और जलन होने की शिकायत सामने आई है। ये समस्या हालांकि युवाओं, बुजुर्गों और महिलाओं को भी झेलनी पड़ रही है लेकिन ज्यादा समस्या बच्चों को आ रही है। डॉक्टरों के पास रुटीन के दिनों से 30 फीसदी ज्यादा रोगी दो दिन के दौरान बढ़ गए हैं।
विशेषज्ञों की राय : ये रखें सावधानियां
-यदि जरूरी ना हो तो अनावश्यक घर से बाहर जाने से बचें।
-यदि घर से बाहर जाना जरूरी हो तो आंखों पर चश्मा लगाएं।
- मुंह पर मास्क का प्रयोग भी जरूर करें।
- दिन के समय आंखों को नियमित रूप से धोते रहें।
-यदि आंखों में जलन, लाल होना संबंधी ज्यादा समस्या हो तो नेत्र रोग विशेषज्ञ को दिखाएं।
-बिना डॉक्टरी सलाह के घर पर इलाज करने की कोशिश कतई ना करें।
-सांस से संबंधित रोगी अपना खास ध्यान रखें और डॉक्टर की सलाह पर दवाई लें।
-बच्चों को घर में ही रखें।
दो दिन के दौरान धुआं ज्यादा आ रहा है। इस कारण रुटीन के दिनों के मुकाबले 30 फीसदी मरीज बढ़े हैं। ये आंखों में जलन, आंखें लाल होना और उनमें जलन संबंधी शिकायत लेकर आ रहे हैं। इनमें भी बच्चों की संख्या अधिक है। इसलिए ध्यान रखना जरूरी है।
-डॉ. विवेक गगनेजा, नेत्र रोग विशेषज्ञ, सिरसा।