सिरसा। दिवाली के दिन आतिशबाजी होने के साथ किसानों ने भी धान के अवशेषों को आग के हवाले करना शुरू कर दिया। वीरवार और शुक्रवार को दो दिन हरसेक की ओर से 32 स्थानों पर आगजनी होने की लोकेशन दिखाई गई है। दो दिन में दिखाई गई लोकेशन का अधिकारी अभी निरीक्षण कर रहे है। जिसके बाद जगह सही पाए जाने के बाद किसान का चालान भी काटा जाएगा।
धान के अवशेषों को आग के हवाले करने के अब तक 60 मामले मिल चुके हैं। इन किसानों को कृषि अधिकारियों की ओर से जुर्माना भी लगा दिया गया है। जबकि बीते वीरवार और शुक्रवार को कुल 32 जगह पर लोकेशन दिखाई गई है। इस लोकेशन पर अब अधिकारी निरीक्षण करेंगे। इनमें से जिस स्थान की लोकेशन सही पाई जाती है उस किसान का चालान किया जाएगा। वहीं किसानों को जागरूक करने और पराली प्रबंधन को लेकर भी अधिकारियों की ओर से जागरूकता अभियान चलाए जा रहे है। लेकिन इसके बाद भी किसान लगातार धान के अवशेषों को आग के हवाले कर रहे हैं।
बढ़ती जा रही है आगजनी होने की घटनाएं
बीते दो दिनों में अब तक सबसे अधिक आगजनी की जगहों की लोकेशन दिखाई गई है। इनमें से कई किसानों की ओर से रात को भी धान के अवशेषों को आग के हवाले किया जा रहा है। ताकि किसान बच सके। गेहूं की बिजाई शुरू होने के साथ ही किसानों ने अवशेषों का प्रबंधन करने की बजाय आग के हवाले करना शुरू कर दिया है।
धान की कटाई के बाद किसान धान के बचे अवशेषों का प्रबंधन करे या फिर उसे मिट्टी में कृषि उपकरणों के साथ मिला दे। जिससे किसान को इसका लाभ मिलेगा और पर्यावरण भी खराब नहीं होगा। हरसेक से पूरे जिले पर नजर रखे हुए हैं। आगजनी की घटना होने पर लोकेशन की जांच की जा रही है।
-डॉ. बाबूलाल, उपनिदेशक, कृषि विभाग सिरसा।