चौपटा। क्षेत्र के तीन गांवों में पिछले कुछ दिनों से लगातार पशुओं की बीमारी के चलते मौत हो रही है। इन गांवों में अभी तक करीबन तीन दर्जन से अधिक पशुओं की मौत हो चुकी है। पशुओं की मौत होने पर पशुपालन विभाग की टीम ने जांच शुरू कर दी है। इसके बाद ही पशुओं की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चलेगा कि किस कारण से पशुओं की मौत हो रही है। पशुपालन विभाग की टीम ने पशुओं के सैंपल भी लिए गए हैं।
पशुपालन विभाग की टीम में डाॅ. विजय बैनीवाल, डाॅ. रवि तनेजा, डाॅ. रोहित जांगडा के नेतृत्व में गांव रायपुर में पहुंची। यहां पर पशुपालक सतवीर सिंह बैनीवाल की भैंस का पोस्टमार्टम किया गया। इसी के साथ ही रूपावास, रायपुर व बरासरी में करीबन 8 पशुओं के सैंपल लिए गए हैं। सैंपल की जांच व पोस्टमार्टम में ही पशुओं की मौत के कारण का खुलासा हो पाएगा।
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पशुपालक चिंता में
गांवों में लगातार पशुओं के मरने से पशुपालक चिंता में हैं। गांव रूपावास के महावीर सिंह के 3 पशु, मोहनलाल के तीन पशु, रामचंद्र ढिल्लो के दो पशु, रायपुर के रामनिवास के तीन पशु, राजवीर सिंह के पांच पशु, बरासरी के सुरेंद्र रोज के 4 पशु व अन्य पशुपालकों के पशु अभी भी बीमारी से जूझ रहे हैं। पशुपालकों ने बताया कि पशुओं के मुंह में छाले होते हैं। इसके बाद खड़े पशु की गिरकर मौत हो रही है। उन्होंने कहा कि पशुओं की मौत होने से आर्थिक तौर पर काफी नुकसान झेलना पड़ रहा है।
चौपटा क्षेत्र के गांवों में पशुओं की किस कारण से मौत हो रही है। इसके लिए टीम गांवों में वीरवार को भेजी गई। टीम ने पशुओं के सैंपल व पोस्टमार्टम किया है। इसकी रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा।
- डाॅ. बीएस बांसल, उपनिदेशक, पशुपालन विभाग