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Sirsa News: पराली प्रबंधन के लिए सरकारी जमीन दिलाएगा कृषि विभाग, निजी जमीन किराये पर लेने के लिए एमएनसी उठाएगी खर्च

Tue, 17 Oct 2023 10:03 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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सिरसा।
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जिले में पराली प्रबंधन को लेकर कृषि विभाग ने व्यापक प्रयास कर रहा है। इसके सकारात्मक परिणाम भी इस बार मिल रहे हैं। इस कड़ी में पहली बार कृषि विभाग ने पंजाब व राजस्थान की फैक्ट्रियों से संपर्क साधा है। इन फैक्ट्रियों में 165 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से पराली भेजी जाएगी। विभाग ने इस साल 22 लाख क्विंटल पराली का प्रबंधन करने का लक्ष्य बनाया है।
इस लक्ष्य को कामयाब बनाने के लिए एमएनसी कंपनी का सहयोग भी लिया जा रहा है। इसके साथ ही जिले में जोन बनाकर पराली प्रबंधन कर अपनी आजीविका कमाने वाले किसानों व एजेंसियों को विभाग सरकारी जमीन उपलब्ध करवाएगा। जहां निजी जमीन लेनी होगी वह गुरुग्राम डिलोइड इंडिया कंपनी छह माह के लिए अपने खर्च पर लीज पर लेकर किसान व एजेंसियों को उपलब्ध करवाएगी, ताकि पराली को बड़े स्तर पर स्टोर किया जा सके।
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इस प्रकार बनाई है प्लानिंग

1. पंजाब की बीसीएल कंपनी : बठिंडा में बीसीएल डिस्टलरी इकाई और इथेनॉल दोनों पराली का प्रयोग करती है। यह एजेंसी ने जिले से 2 लाख क्विंटल पराली लेने को तैयार है। यहां डबवाली, रोड़ी व आस पास के क्षेत्र की पराली भेजी जाएगी।

2. राजस्थान की संजोग कंपनी : यह इको पावर प्लांट है, जो संगरिया में स्थित है। यह जिले की सात लाख क्विंटल पराली लेने को तैयार है। इसमें भी डबवाली के अतिरिक्त आस पास के क्षेत्र व कुछ अन्य एरिया की पराली भेजी जाएगी।

3 विद्युत एग्रीकल्चर वेस्ट : ओढां व आसपास के क्षेत्र से 4 लाख क्विंटल पराली उठान का कार्य करेगी। इसे पंजाब व राजस्थान में सप्लाई करेगी।

4 मल्लेकां कलेक्शन सेंटर : पोहड़का के निर्मल सिंह डेढ़ से दो लाख क्विंटल पराली का स्टोरेज कर उसे दूसरे राज्यों में भेजने का कार्य करते हैं। यह ऐलनाबाद व आसपास के एरिया से पराली संग्रहण करने का काम करेगी।

इन चारों के अतिरिक्त अन्य बड़े पराली प्रबंधन करने वाले किसानों व एजेंसियों के साथ प्रशासन संपर्क साध रहा है। ताकि पराली का एक तिनका भी न जलाया जाए।


एजेंसी उठाएगी 6 माह तक जमीन का खर्च
गुरुग्राम डिलोइड इंडिया कंपनी का सीएसआर को लेकर हरियाणा सरकार के साथ अनुबंध है। सिरसा के अतिरिक्त आठ ओर जिलों में पराली प्रबंधन पर यह कार्य कर रही है। इसमें मल्टी नेशनल कंपनियों का सीएसआर का फंड पराली प्रबंधन में प्रयोग में लाया जाता है। मौजूदा समय में जिले 10 ऑडियाे वैन और एक ऑडियो वीडियो वैन के माध्यम से किसानों को पराली प्रबंधन को लेकर जागरूक कर रही है। कृषि उप निदेशक सुखदेव कंबोज ने बताया कि जिले में पराली प्रबंधन को लेकर विभाग को जमीन नहीं मिलती है तो कंपनी अपनी खर्च पर 6 माह के लिए प्रति एकड़ 40 हजार रुपये देकर किसान के साथ अनुबंध करती है, ताकि एजेंसियां व बड़े किसान यहां पर पराली को स्टोर कर सकें। कंबोज ने बताया कि जिन गांवों में पंचायती जमीन होगी, वहां पर पंचायती जमीन इन एजेंसियों को उपलब्ध करवाई जाएगी। किसी प्रकार की जमीन संबंधी परेशानी नहीं आने दी जाएगी।

राजस्थान और पंजाब की लोकेशन उठा रहा हरसेक
हरसेक पराली जलाने को लेकर डाटा जारी करता है। इसी डाटा के आधार पर अधिकारी मौके पर पहुंचकर जांच करते हैं और पराली जलाने वाले किसानों पर कार्रवाई करता है। अधिकारियों की मानें तो अब तक नौ लोकेशन हरसेक से प्राप्त हुई है। इनमें से एक ही लोकेशन सही पाई गई है। अन्य लोकेशन दूसरे राज्य की थी। सिरसा जिला राजस्थान और पंजाब से लगता है। ऐसे में अगर पराली राजस्थान या पंजाब में जलती है और धुंआ हरियाणा के साथ लगते गांवों में आता है। धुएं के कारण सेटेलाइट लोकेशन उठा लेता है।


पराली प्रबंधन को लेकर जोन के अनुरूप प्लानिंग बनाई गई है। पंजाब व राजस्थान की फैक्ट्रियों से बात हुई है। वह पराली प्रबंधन को हमारा सहयोग कर रही है। वहीं जिले की एजेंसियों से संपर्क साधा है। विभाग उन्हें पंचायती जमीन उपलब्ध करवा रहा है। हमारी सहयोगी गुरुग्राम डिलोइड इंडिया कंपनी 6 माह के लिए लीज पर जमीन पराली प्रबंधन के लिए उपलब्ध करवाने का खर्च उठाएगी। जिससे किसानों को उनके कार्य क्षेत्र के पास ही जमीन मिल जाएगी और ज्यादा से ज्यादा पराली स्टोर हो पाएगी। - सुखदेव कंबोज, कृषि उप निदेशक, सिरसा
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बता दें कि हरसेक से पराली जलाने के लिए अब तक सिरसा जिले की 9 लोकेशन चयनित की गई है। सिर्फ एक ही लोकेशन सही पाई गई है। जबकि अन्य लोकेशन साथ लगते राजस्थान और पंजाब एरिया की थी। हरसेक ने दोनों राज्यों में जलाई हुई पराली का धुंआ इन राज्यों के साथ लगते गांवों में आने के कारण लोकेशन उठा ली थी। इसके बावजूद अधिकारियों ने पराली न जले, इसको लेकर कोई ढिलाई नहीं बरती है। तीन अलग अलग स्तर पर टीमों का गठन किया हुआ है। जिसके मुख्य इंचार्ज उपायुक्त पार्थ गुप्ता है।
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