संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। सरसों और गेहूं का खरीद सीजन शुरू हो गया है। सरसों की सरकारी खरीद चल रही है। गेहूं की खरीद एक अप्रैल से शुरू होगी। इससे पहले अपनी मांगों को लेकर आढ़ती एसोसिएशन ने एक अप्रैल से हड़ताल का निर्णय लिया है। शनिवार शाम को हुई बैठक में आढ़तियों ने एक अप्रैल से मार्केट कमेटी कार्यालय के मुख्य गेट पर पांच अप्रैल तक प्रदर्शन करने की घोषणा की।
व्यापारियों ने कहा कि किसानों के हितों को देखते हुए वह किसी प्रकार से खरीद को प्रभावित नहीं करेंगे। सरकारी के साथ साथ व्यापारी प्राइवेट खरीद भी करेंगे। प्रधान मेहता ने बताया कि कुरुक्षेत्र में हरियाणा स्टेट अनाजमंडी आढ़ती संगठन की राज्य कार्यकारिणी की बैठक हुई थी। जिसमें 1 अप्रैल से 5 अप्रैल तक हरियाणा की पूरी मंडियों में आढ़तियों के हड़ताल करने की घोषणा की गई है। इसी अनुसार बैठक कर हड़ताल को लेकर रणनीति बनाई गई है। उन्होंने कहा कि सरकार के खिलाफ आढ़तियों व व्यापारियों में भारी रोष है। आढ़तियों के प्रदर्शन को व्यापारियों की अन्य यूनियनों ने भी समर्थन देने का ऐलान किया है।
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यह है मुख्य मांग
आढ़़तियों की मांग है कि किसानों की सभी फसलें जैसे कॉटन, सरसो, सूरजमुखी, बाजरा इत्यादि और अन्य सभी फसल सरकार द्वारा एमएसपी पर आढ़तियों के माध्यम से ही खरीदे। आढ़तियों को उनकी आढ़त 2.5 प्रतिशत मिलनी चाहिए जो कि गेहूं पर लगभग 57 रुपये व धान पर 55 बनती है। पिछले चार वर्षों से सरकार द्वारा गेहूं पर 46 और धान पर 45.88 रुपये आढ़त दी जा रही है। सरसों और कॉटन फसल सरकार हैफेड और कॉटन कारपोरेशन ऑफ इंडिया के माध्यम से सीधे किसानों से खरीद रही है। इससे आढ़ती का कोई कमीशन नहीं मिलता है। उन्होंने कहा कि सरकार से निवेदन है कि खरीदी जाने वाली सभी फसलों का भुगतान किसान की सहमति अनुसार आढ़ती या किसान के स्वयं के खाते में अदा किया जाना चाहिए।