सिरसा। चौटाला सरकार के बाद अब कांग्रेस सरकार के दौरान हुई जेबीटी भर्ती का मामला चर्चा में आया है। मौलिक शिक्षा निदेशालय की ओर से करवाई गई एसएफएल जांच में खुलासा हुआ है कि 60 टीचर्स ऐसे हैं जिन पर संदेह है। मौलिक शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर इनका रिकॉर्ड तलब किया है और इनके खिलाफ आपराधिक मामला दायर करने के आदेश दिए हैं।
2010 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के कार्यकाल में हुई जेबीटी भर्ती की एसएफएल जांच के लिए आदेश दिए गए थे। 756 जेबीटी के आवेदन फार्म सहित रिकॉर्ड जांचा गया। जिसमें खुलासा हुआ है कि 60 जेबीटी ऐसे हैं जिनकी भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ियां मिली हैं। मौलिक शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजा है। इसमें जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए आदेश दिए हैं कि इन संदेह की श्रेणी वाले जेबीटी के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज करवाया जाए। साथ ही इन अधिकारियों को जेबीटी से संबंधित रिकॉर्ड भी सौंपा जाएगा। हिसार के जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी धनपत राम ने पत्र की पुष्टि करते हुए बताया कि 60 जेबीटी की लिस्ट आ गई है और कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
जानिये किस जिले के कितने जेबीटी विवादित
जिला-----------जेबीटी की संख्या
अंबाला----------07
भिवानी------01
फरीदाबाद------08
गुरुग्राम-----01
हिसार----05
झज्जर-----04
जींद-----02
कैथल-----02
करनाल-------04
कुरुक्षेत्र------01
मेवात----------11
नारनौल-----01
पलवल-----01
पानीपत------02
रोहतक------02
सिरसा-----02
सोनीपत-----03
यमुनानगर----01