सिरसा। मनोहर लाल को प्रदेश के मुखिया की कुर्सी पर बैठे हुए सात वर्षों पूरे हो चुके हैं। इन 7 साल के अंतराल में सीएम कई बार जिले में रैलियों और कार्यक्रमों में उपस्थित हो चुके हैं। कार्यक्रमों और रैलियों में संबोधन के दौरान उन्होंने अनेकों बड़ी घोषणाएं की थी। जिले वासियों को लाभ देनी वाली मुख्य घोषणाओं में से कोई भी घोषणा और प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो पाया है।
शहर वासियों की सिरसा में डेयरी शिफ्टिंग, मंडी शिफ्टिंग, मेडिकल कॉलेज का निर्माण, पुराना सदर थाना की जगह शॉपिंग माल बनाने, शहर में मल्टीपर्पज पार्किंग बनाने व रेलवे रोड पर अंडरपास बनाने की मांग आज भी पूरी नहीं हो पाई है। मुख्यमंत्री की एक बड़ी घोषणा में मंडी और डेयरी शिफ्टिंग के लिए अभी तक जमीन का चयन भी नहीं हो पाया है। वहीं मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए जगह का चयन तो हुआ है लेकिन उसके निर्माण के संबंध में कोई कार्य नहीं हो पाया। सिरसा शहर के अलावा ऐलनाबाद, कालांवाली, डबवाली व रानियां में भी कई घोषणाएं अभी भी अधूरी हैं।
मंडी शिफ्ट के लिए कई बार हो चुका है जमीन का निरीक्षण
सिरसा शहर से सब्जी मंडी, कपास मंडी, अनाज मंडी, लक्कड़ मंडी को एक ही जगह पर शहर से बाहर बनाने के लिए सीएम की ओर से घोषणा की गई थी। जिसके बाद मंडी शिफ्ट के लिए शहर के साथ लगते गांवों में जगह का भी निरीक्षण किया जा चुका है लेकिन इसे शिफ्ट करने के लिए अभी तक कोई भी कार्य धरातल पर नहीं हो पाया है। जिसके कारण शहर में जाम की स्थिति और लोगों को अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
रानियां-कुत्ताबढ़ पुल के निर्माण के लिए अभी तक नहीं हुआ कोई कार्य
वर्ष 2016 में मुख्यमंत्री द्वारा घोषित रानियां से कुत्ताबढ़ गांव का घग्गर नदी का पुल मंजूरी के बावजूद भी अधर में लटका हुआ है। पुल निर्माण का कार्य अधर में लटने का मुख्य कारण इसके लिए अधिग्रहित भूमि का मुआवजा है। प्रशासन अधिग्रहित भूमि के कम रेट दे रहा है तो ग्रामीण अधिक मांग रहे हैं। इस पुल के निर्माण से रानियां से गांव की दूरी आधी हो जाएगी।
मेडिकल कॉलेज के लिए जगह का हुआ चयन, लेकिन नहीं हुआ निर्माण कार्य शुरू
शहर में मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए प्रशासन की ओर से सीडीएलयू के समक्ष कपास अनुसंधान केंद्र की जगह पर मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए जमीन का चयन किया गया है। जमीन हिसार के चौधरी चरणजीत सिंह विश्वविद्यालय की होने के बाद उसे स्वास्थ्य विभाग के नाम पर ट्रांसफर भी कर दिया गया है। लेकिन अभी तक इसके निर्माण के लिए कोई कार्य नहीं हो पाया है।