सिरसा। जिलेभर में लगातार दूसरे दिन हुई अच्छी बारिश से जहां किसान निहाल हो रहे हैं, वहीं शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में हालात खराब हो गए हैं। बारिश के कारण शहर में जगह-जगह जलभराव हो गया। जिले में 24 घंटे में 52 एमएम बारिश दर्ज की गई। वहीं गांवों में भी तालाब ओवरफ्लो हो गए, जिससे घरों तक पानी पहुंच गया।
मल्लेकां गांव में तो हाल ही में तालाब का जीर्णोद्धार किया गया था, उसके बाद भी ओवरफ्लो हो गया और पानी घरों तक पहुंच गया। इसके अलावा गांव रोड़ी में भी तालाब ओवरफ्लो हो गया और पानी साथ लगते घरों तक जा पहुंचा। बारिश से सिरसा शहर में लगभग सभी चौक चौराहों पर पानी जमा हो गया। पानी जमा होने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।
जिले में मानसून की लगातार दूसरे दिन बारिश हुई। रात 2 बजे शुरू हुई बारिश लगातार 10 बजे तक होती रही। बारिश के कारण सबसे अधिक परेशानी सिरसा शहर के लोगों को हुई है। शहर का जनता भवन रोड, डबवाली रोड, सुरखाब चौक, परशुराम चौक, रानियां चुंगी, मुख्य बाजार सहित शहर के कई भागों में निकासी नहीं होने से पानी जमा हो गया।
सबसे अधिक परेशानी जनता भवन रोड, सुरखाब चौक व डबवाली रोड पर लोगों को हुई। इन जगहों पर तो 2 से 3 फुट तक पानी जमा हो गया। यही नहीं सांगवान चौक, भगत सिंह चौक व शहर के मुख्य बाजारों में भी हालात यही रहे। रेलवे रोड पर तो लोगों को सबसे अधिक परेशानी हुई। जलभराव के कारण ऑटो भी रेलवे स्टेशन तक नहीं जा पाए और यात्रियों को ट्रेन पकड़ने के लिए दौड़ लगानी पड़ी।
रोड़ी क्षेत्र में भी बारिश से जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। रात को करीबन 12 बजे तेज बारिश शुरू हो गई और सुबह 6 बजे तक होती रही। लगातार 6 घंटे बारिश होने के बाद जगह पर जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। रोड़ी बस स्टैंड के नजदीक अनाज मंडी के आसपास जलभराव होने के साथ-साथ मेन बाजार में स्थित पुराना तालाब भी लगातार 6 घंटे हुई बारिश के चलते ओवरफ्लो हो गया। जिसका पानी नजदीक सड़क पर आ गया। जिससे आमजन को समस्या का सामना करना पड़ा। इसी के साथ रोड़ी तलवंडी साबो रोड पर मौजूद राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रोड़ी व जटाना कलां की तरफ जाने वाली सड़क पर स्थित बस स्टैंड पर भी जलभराव हो गया।
कूड़ा-कचरे से तालाब हुए दूषित
रोड़ी के मेन बाजार के नजदीक स्थित पांच एकड़ में तालाब है। छह दशक पहले इस तालाब का पानी पीने के लिए हर गांव में पहुंचता था। लेकिन आज इसकी स्थिति काफी खराब हो चुकी है। तालाब के चारों तरफ कूड़ा डाला जा रहा था, जिससे इसका पानी दूषित हो चुका है। सरकार की ओर से रोड़ी के छह तालाबों को अमृत योजना में शामिल कर सरोवर में बदलना था। एक तालाब अगस्त 2021 में तो अन्य तालाब दिसंबर 2022 में अमृत योजना में शामिल किए गए थे। 2.55 करोड़ की राशि की खर्च की जानी थी। टेंडर लगने के बाद संबंधित ठेकेदारों ने तालाबों से मिट्टी निकाल किनारों पर रखी थी। पर अभी तक किसी भी तालाब का काम पूरा नहीं हो पाया, जिसकी वजह से बारिश आने के बाद ये ओवरफ्लो हो गए।
मल्लेकां में भी हालात हुए खराब
गांव मल्लेकां में शनिवार रात को हुई तेज बारिश के कारण तालाब का पानी ओवरफ्लो हो आसपास के घरों में घुस गया। इस तालाब को हाल ही में अमृत सरोवर योजना के तहत बनाया गया है। लगातार 50 मिनट तक हुई तेज बारिश के कारण गुरुद्वारे के पास बना तालाब लबालब भर गया। क्षमता से अधिक पानी आने से यह निकलकर घरों व दुकानों में घुस गया। पानी के कारण गलियों में लगी इंटरलाॅक टाइलें उखड़ गईं। गांव के सरपंच सुखदेव सिंह ने बताया कि पानी का बहाव काफी तेज था। तेज बारिश के कारण तालाब के तट टूट गए और मिट्टी ढह गई। जिस कारण पानी आठ-दस घरों तक पहुंच गया। उन्होंने बताया कि तालाब के साथ इंटरलॉक टाइलें लगी हुई थी, वे भी उखड़ गई हैं। जिनको बाद में ठीक करवा दिया जाएगा।