ओढां में स्थित 132 केवी बिजलीघर पर बिजली की मांग को लेकर बुधवार दोपहर से धरने पर बैठे रघुआना ढाणियों के लोगों ने बुधवार देर रात तक विद्युत विभाग के एसडीई संदीप मेहता पंजुआना की कोई भी बात सुनने से इंकार कर दिया। 24 घंटे के बाद महिलाओं ने अपनी ताकत दिखाते हुए बृहस्पतिवार को मोर्चा संभाला और सभी गांव की बिजली आपूर्ति ठप कर दी। इतना ही नहीं बिजलीघर में मौजूद सभी कर्मचारियों को कमरों से बाहर निकालकर नारेबाजी की। दोपहर बाद कार्यकारी अभियंता ने 15 दिन में समस्या के समाधान का आश्वासन देकर धरना समाप्त करवाया।
सभी गांवों की सप्लाई की बाधित
बृहस्पतिवार सुबह ग्रामीण महिलाओं ने आते ही बिजलीघर पर धावा बोल दिया। इनके साथ पुरुष भी अंदर आ गए। ड्यूटी पर तैनात कनिष्ठ अभियंता अनीता ढाका ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने एक न सुनते हुए बिजलीघर से सभी गांवों की सप्लाई ठप करवा दी।
कर्मचारियों को गर्मी का कराया अहसास, पंखे किए बंद
प्रदर्शनकारियों का पारा इस कद्र चढ़ा हुआ था कि उन्होंने बिजलीघर के पंखे तक बंद करवा दिए और सभी कर्मचारियों को बाहर निकाल दिया। प्रदर्शनकारियों के उग्र रूप की सूचना पाकर थाना प्रभारी वीरेंद्र गिल पुलिस बल सहित मौके पर पहुंचे और विद्युत विभाग के उच्चाधिकारियों को सूचना देकर मौके पर आने के लिए कहा।
प्रदर्शनकारी सरपंच जगतार सिंह, कुलदीप सिंह, महावीर, बलकौर सिंह, परमजीत कौर, जसविंद्र कौर, सुखपाल कौर आदि ने बताया कि उनकी रघुआना में करीब डेढ़ सौ ढाणियां पड़ती हैं जिनको एग्रीकल्चर फीडर से जोड़ रखा है जिस पर सुबह छह बजे से दोपहर 12 बजे तक सप्लाई दी जाती है।
इसके बाद दूसरे दिन सुबह छह बजे बिजली मिलती है। उन्होंने बताया कि उनके लिए गुजरात से आया ट्रांसफार्मर विभाग ने बप्पां में लगा दिया है और उन्हें लटकाया जा रहा है। ऐसे में इस गर्मी में उनकी नींद व चैन छीन गया है। ऊपर से ओढां बिजलीघर के कर्मचारी फोन तक रिसीव नहीं करते। गौरतलब है कि इस समस्या को लेकर ढाणियों के लोगों ने बुधवार दोपहर से धरना प्रदर्शन शुरू किया था।
उधर विभाग का कहना था कि जिले में 18 रिले सेट मंजूर हुए हैं। इनमें से पंजुआना में चार सेट आने थे, लेकिन अभी दो ही आए हैं। ओढां में लगने वाला रिले सेट बड़ोदरा से कुछ ही दिनों में आने वाला है।
कार्यकारी अभियंता का किया घेराव
एसएचओ की सूचना पर विभाग के कार्यकारी अभियंता मदन लाल सुखीजा दोपहर 12 बजे बिजलीघर पहुंचे जहां उन्हें लोगों के रोष का सामना करना पड़ा। उनके आते ही प्रदर्शनकारियों ने हरियाणा सरकार व विद्युत विभाग के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। सुखीजा और अधिकारियों ने उन्हें काफी समझाया कि कुछ ही दिनों में उनकी समस्या का समाधान हो जाएगा परंतु प्रदर्शनकारी और अधिक नाराज हो गए।
उन्हाेंने उनकी कोई बात मानने से इंकार कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उन्हें आश्वासन तो पिछले तीन महीने से मिल रहे हैं। कुछ समय बाद डबवाली के तहसीलदार परमजीत चहल, एसएसए राजेंद्र ढुल आदि मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की समस्या जानी। तहसीलदार ने जब कार्यकारी अभियंता से विद्युत व्यवस्था बहाल करने की बात कही तो उन्होंने हाथ खड़े करते हुए कहा कि जब तक ढाणियों के लिए लगने वाला रिले सेट यंत्र बड़ोदरा से नहीं आ जाता तब तक इस दिशा में वे कुछ भी नहीं कर सकते, लेकिन प्रदर्शनकारियों का ये कहना था कि तब तक उन्हें टेंपरेरी तौर पर अन्य फीडर से सप्लाई दी जाए। इस पर विद्युत अधिकारियों ने इस बारे असमर्थता जता दी। इस पर नाराज लोगों ने नारेबाजी कर बिजलीघर का गेट बंद कर अधिकारियों का घेराव कर लिया और तेज धूप में धरने पर बैठ गए।
धूप में भी जारी रखा प्रदर्शन
प्रदर्शनकारियों का गुस्सा उफान पर था। उनका कहना था कि जब तक उन्हें बिजली नहीं मिलती वे न तो धरना समाप्त करेंगे और न ही अधिकारियों को बाहर जाने देंगे। इसके चलते तहसीलदार, क ार्यकारी अभिंयता आदि अधिकारी गांव रघुआना के सरपंच जगतार सिंह व अन्य चुनिंदा लोगों को बुलाकर बात करने का दौर चलाते रहे। तो उधर प्रदर्शनकारी धूप में बैठे नारेबाजी करते रहे। ग्रामीणों को शांत करने में अधिकारियों ने खूब पसीना बहाया। जिसके बाद दोपहर ढाई बजे बात सिरे चढ़ी जिसके बाद सभी ने राहत महसूस की।
लिखित में दिया है आश्वासन
ढाणियों के लिए अलग से ट्रांसफार्मर लगना है। इसमें ज्यादातर कार्य लगभग पूरा है, लेकिन उस पर लगने वाला रिले सेट यंत्र गुजरात से आने वाला है, जिस कारण थोड़ी देरी हुई है। हमने लिखित में ये आश्वासन दिया है कि 15 दिनों के भीतर उनकी समस्या हल करवा दी जाएगी और ग्रामीण जो जेई बलजीत पर पैसे मांगने का आरोप लगा रहे हैं उसकी जांच करवाई जाएगी।
- मदन लाल सुखीजा, कार्यकारी अभियंता, सिरसा