सिरसा। प्रदेश सरकार के तमाम दावों के बावजूद शिक्षा विभाग की व्यवस्था पटरी से उतर गई है। जिले में शिक्षकों और अधिकारियों की कमी का खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। जिले के सात खंडों में से केवल एक ही खंड में बीईओ नियमित है। वहीं, बाकी छह जगहों पर प्राचार्य को बीईओ का कार्यभार दिया गया है।
जिले में शिक्षकों के लिए 2454 पद मंजूर है। इनमें से 1175 शिक्षकों की कुर्सियां खाली पड़ी है। कुल मिलाकर छठी से लेकर 12वीं तक के 80 हजार विद्यार्थियों की जिम्मेदारी 1279 शिक्षकों के कंधों पर है। जिले में 7 खंड हैं, जिनमें एक-एक खंड शिक्षा अधिकारी होना अनिवार्य है। हालांकि इन खंडों में से मात्र एक में ही बीईओ उपलब्ध हैं। नतीजतन 524 सरकारी विद्यालयों की बागडोर इन्हीं प्राचार्यों के हाथ में है।
एक प्राचार्य को दिया हुआ दो खंडों का कार्यभार
जिले के सात खंडों में से चोपटा को छोड़कर किसी भी खंड में नियमित बीईओ नहीं है। वहीं, सिरसा, बड़ागुढा, ओढां, रानियां, ऐलनाबाद में बीईओ की जगह स्कूल प्रिंसिपल ने कार्यभार संभाला हुआ है। रानियां और ऐलनाबाद का कार्यभार एक ही प्राचार्य को दिया हुआ है। जरूरत पड़ने पर जब अभिभावक बीईओ कार्यालय जाते हैं, तो उन्हें बीईओं की कुर्सी खाली मिलती है।
छठी से लेकर 12वीं तक शिक्षकों की कमी
पद का नाम संख्या पद
- प्राचार्य 76 124
- हेड मास्टर 29 76
- अध्यापक 1279 2254
- क्लर्क 265 368
- चतुर्थ श्रेणी 282 695
इन खंडों में खाली है बीईओ के पद
- सिरसा सुनीता साईं बीईओ, चार्ज
- बड़ागुढा मनीषा बीईओ, प्राचार्य
- ओढ़ा सहीराम चाहर बीईओ, प्राचार्य
- रानियां कृष्ण कुमार बीईओ, प्राचार्य
- ऐलनाबाद कृष्ण कुमार बीईओ, प्राचार्य
शिक्षकों की कमी के कारण कम हो रहे दाखिले
सरकारी स्कूलों में इस बार शिक्षकों की संख्या कम होने के कारण विद्यार्थियों में दाखिले कम हो रहे हैं। एमआईएस पोर्टल में दाखिले नहीं होने की वजह से भी विद्यार्थियों की संख्या में कमी आई है।
जिला के चोपटा खंड में बीईओ रेगुलर है। बाकी छह खंडों में प्राचार्य को बीईओ का कार्यभार दिया गया है। ये जानकारी संज्ञान में है। उच्चतर शिक्षा विभाग को जानकारी भी दे दी गई है। वहीं, शिक्षकों की भर्ती ट्रांसफर ड्राइव या नई भर्ती के दौरान होगी। - संत कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी, सिरसा।