भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की ओर से आयोजित भ्रमण में रविवार को नाइजीरिया से आए वैज्ञानिकों के दल ने कैथल के गांव रसीना में किसान महेंद्र सिंह के फार्म का दौरा कर जिले में प्रगतिशील कृषि की जानकारी हासिल की। आईसीएआर के जोनल डायरेक्टर डा. एएम नरूला भी वैज्ञानिकों के दल के साथ थे।
डा. नरूला ने बताया कि नाईजीरिया से 20 प्रतिनिधियों का दल भारत में कृषि संबंधित जानकारियों के लिए भ्रमण पर आया हुआ है। इनमें कृषि वैज्ञानिक, कृषि अधिकारी सहित कुछ किसान भी शामिल हैं। कैथल में राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता महेंद्र सिंह रसीना के फार्म पर प्रगतिशील कृषि के बारे में जानकारी ली।
इसमें उनके द्वारा ड्रिप सिंचाई व्यवस्था, अनार की खेती, फसल विविधिकरण, बागवानी आदि के बारे में बारीकि से जानकारी हासिल की। उन्होंने बताया कि नाइजीरिया से आए वैज्ञानिकों ने भारत विशेषकर हरियाणा में हो रही कृषि की काफी सराहना की है। उन्होंने महेंद्र रसीना द्वारा अपनाई जा रही कृषि तकनीक की भी सराहना की। डा. नरूला ने बताया कि नाईजीरिया से आए दल का नेतृत्व पार्टनरशिप एंड लिंकेजिज एग्रीकल्चर रिसर्च काउंसिल ऑफ नाईजीरिया के डायरेक्टर डा. अहमद उस्मान कर रहे हैं।
लीडर ऑफ फार्मर एसोसिएशन नाईजीरिया के नेता टीफ उबाका सहित अन्य शामिल हैं। रविवार गुड़गांव, दिल्ली के बाद करनाल स्थित एनडीआरआई, किसान सुल्तान सिंह के बाद कैथल के गांव रसीना में भ्रमण किया गया है। कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य वैज्ञानिक डा. रमेश वर्मा ने नाईजीरिया से पहुंचे वैज्ञानिकोें को कैथल में कृषि उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी गई। इसमें उन्हें बताया गया कि देश के सर्वाधिक राष्ट्रीय अवार्डी किसान कैथल में ही हैं। इसके अलावा यहां सभी प्रकार से उन्नत खेती की जाती है। उन्होंने विस्तार से केविके की गतिविधियों को भी विदेशी विद्वानों के सामने रखा। वैज्ञानिकों ने कृषि विज्ञान केंद्र के प्रयासों की सराहना की। किसान महेंद्र रसीना ने उन्हें आधुनिक खेती के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर डा. बीपी चहल, एल नरूला सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे।