सातवीं क्लास के एक छात्र को झगड़ा करने पर स्कूल से निकाला गया तो उसने
अपने साथियों के साथ मिलकर स्कूल वैन को बीच रास्ते में रुकवा लिया।
कई
युवकों ने वैन में सवार विद्यार्थियों को न केवल धमकाया, बल्कि गालियां भी
निकालीं। उन्होंने वैन की हवा निकाल दी। सरेआम हुई इस गुंडागर्दी की
शिकायत करने जब संचालक और विद्यार्थी थाने पहुंचे तो वे सीमा विवाद में
उलझकर रह गए। दोनों थानों में सुनवाई न होने पर संचालक एसपी से मिले। एसपी
की फटकार के बाद सदर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है, लेकिन आरोपियों की
गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
आसपास के कई गांवों के विद्यार्थी बाल
भारती पब्लिक स्कूल में पढ़ने के लिए स्कूली वैन से आते हैं। बताया जा रहा
है स्कूल संचालक ने सातवीं क्लास के एक विद्यार्थी को झगड़ा करने पर स्कूल
से निकाल दिया था। इसके बाद विवाद बढ़ गया।
बताया गया है कि वीरवार
को स्कूल की वैन बच्चों को छोड़ने जा रही थी तो रास्ते में गांव बीसला के
समीप जीप में सवार निष्कासित छात्र अपने कुछ दोस्तों के साथ जीप में सवार
होकर आया और उसने वैन के आगे इसे खड़ा कर दिया। स्कूली वैन के रुकने के बाद
आरोपी युवकों ने वैन के टायरों की हवा निकाल दी और उसमें सवार
छात्र-छात्राओं को गालियां निकालीं। आरोप है कि युवकों ने कुछ छात्राओं के
साथ छेड़छाड़ की कोशिश भी की। विरोध करने पर आरोपियों ने विद्यार्थियों को
जान से मारने की धमकी दी। बाद में विद्यार्थियों ने इसकी सूचना स्कूल
प्रिंसिपल को दी।
मामला दर्ज करवाने को भटकते रहे
इस
मामले को लेकर स्कूल प्रिंसिपल मक्खन सिंह हुडा चौकी गए। यहां पर उन्हें
टका सा जवाब दिया गया कि यह एरिया उनके अधीन नहीं आता है। इसके बाद वे सदर
थाने में गए। यहां भी मायूसी ही हाथ लगी। इसके बाद वे पुलिस अधीक्षक एससी
अत्री से मिले और आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की। एसपी ने दोनों थाना
प्रभारियों को फटकार लगाते हुए मामले की जांच सदर थाने को दी। पुलिस ने
आरोपियों पर केस दर्ज कर लिया है।