हरियाणा सरकार द्वारा निजी बसों को रूट देने के विरोध में हरियाणा रोडवेज जींद के कर्मचारी सरकार के खिलाफ लामबंद हो गए हैं।
वीरवार को रोडवेजकर्मियों ने बस स्टैंड पर करीब तीन घंटे तक नारेबाजी की और कहा कि निजी परमिट नहीं जारी होने देंगे।
कर्मचारियों नेताओं ने कहा कि कर्मचारी इस मामले को लेकर शांतिपूर्वक विरोध कर रहे हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि उन्होंने संघर्ष करना छोड़ दिया है।
वीरवार को ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स ज्वायंट एक्शन कमेटी की बैठक प्रदेशाध्यक्ष दलबीर किरमारा की अध्यक्षता में बस स्टैंड परिसर में हुई। इसमें रोडवेज कर्मचारियों ने सरकार के रवैये पर रोष जताते नारेबाजी की।
रोडवेज कर्मचारी नेताओं ने 27 अक्तूबर को रोहतक में सीएम आवास घेराव में ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचने का आह्वान किया।
दलबीर किरमारा ने कहा कि सरकार परिवहन विभाग के 3519 रूट परमिट निजी हाथों में देने का निर्णय लिया है, जो पूरी तरह जनविरोधी है।
सरकार बसों का बेड़ा दस हजार करने, नई भर्तियों न करने, भर्ती किए गए चालक परिचालकों को पक्का करने की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रही है।
सरकार के निर्णय के विरोध में 27 अक्तूबर को रोडवेज कर्मचारियों ने रोहतक में सीएम आवास घेराव का ऐलान किया है।
उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने कर्मचारी हितों को ध्यान में नहीं रखा तो नवंबर माह में राज्यव्यापी हड़ताल कर चक्का जाम किया जाएगा।
इस मौके पर दिलबाग गिल, राजबीर शर्मा, रणबीर खर्ब, रमेश सैनी, आजाद गिल, बिरखा राम, आजाद लाठर, सुरेश, राजकुमार, सुधीर, राजेश, वजीर, अनिल कुमार ने भी अपने विचार रखे।