फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विश्व स्वास्थ्य दिवस : हरियाणा के लोगों में तेजी से बढ़ रहा मोटापा

विज्ञापन
विज्ञापन
हरियाणा के लोग मोटापे के शिकार होने लगे हैं। बेहद धीमी रफ्तार से मोटापा यहां के लोगों को गिरफ्त में ले रहा है। पिछले करीब पांच वर्षों में प्रदेश की आबादी पर मोटापा हावी हुआ है। महिलाओं में मोटापा पुरुषों से ज्यादा बढ़ा है। एनएफएचएस (नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-5) के आंकड़े यही बयां कर रहे हैं। आंकड़े बताते हैं कि पुरुषों में आठ तो महिलाओं में 12 प्रतिशत मोटापा बढ़ा है। मोटापे को चिकित्सक दूसरी बीमारियों का कारण मानते हैं। ऐसे में यह चिंताजनक स्थिति है।
विज्ञापन

एनएफएचएस के आंकड़े बताते हैं कि हरियाणा में भी मोटापा बढ़ने लगा है, यह स्वास्थ्य की दृष्टि से खतरनाक है। एनएफएचएस-5 की सर्वे के मुताबिक, महिलाओं में मोटापा 33.1 प्रतिशत पाया गया है। पुरुषों में यह 28.3 प्रतिशत है, जबकि एनएफएचएस-4 की करीब पांच वर्ष पूर्व हुए सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2015-16 में महिलाएं 21 व पुरुष 20 प्रतिशत मोटापे के शिकार थे। यानी पिछले पांच साल में पुरुषों में आठ 8 प्रतिशत व महिलाओं में 12 प्रतिशत मोटापा बढ़ा है।
देश में भी बढ़ रहा है मोटापा
एनएफएचएस-5 सर्वे के मुताबिक, हमारे देश में भी मोटापा बढ़ने लगा है। वर्ष 2015-16 में हुई एनएफएचएस-4 सर्वे के मुताबिक, देश की महिलाएं 20.6 प्रतिशत व पुरुष 18.9 प्रतिशत मोटापे के शिकार थे। वर्ष 2019-21 में हुई एनएफएचएस-5 सर्वे में आंकड़े चौंकाने वाले रहे। रिपोर्ट बताती है कि महिलाओं मोटापा बढ़कर 24 प्रतिशत व पुरुषों में 22.9 प्रतिशत हो गया है। यह वृद्धि दोनों ही वर्गों में करीब चार प्रतिशत की है।
विज्ञापन

- डॉ. वरुण अरोड़ा, सहायक प्रोफेसर, सामुदायिक आयुर्विज्ञान विभाग, पीजीआई
बदलती जीवनशैली व खानपान बना रहा मोटापे का शिकार
मोटापा स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। एनएफएचएस की सर्वे के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। इसमें हरियाणा में मोटापा तेजी से बढ़ने के संकेत साफ नजर आते हैं। बदलती जीवनशैली व खानपान हमें मोटापे का शिकार बना रहा है। इसके लिए समय रहते संभलना जरूरी है। ऐसा नहीं होने पर मोटापा आने वाले समय में विभिन्न रोगों की वजह बन सकता है।
- डॉ. विनय, सीनियर रेजिडेंट, सामुदायिक आयुर्विज्ञान विभाग, पीजीआई
डब्लूएचओ ने चेताया
मोटापे को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) भी गंभीर है। यही वजह है कि दुनिया को इस खतरे से आगाह करते हुए इस वर्ष की थीम, हमारा ग्रह, हमारा स्वास्थ्य दिया है। इसके तहत इस वर्ष हमें खुद के साथ अपनी पृथ्वी को भी सुरक्षित करना है। इसके लिए जागरूकता कार्यक्रम के साथ अपने स्वास्थ्य पर भी ध्यान देना होगा।
- डॉ. मीना, सामुदायिक आयुर्विज्ञान विभाग, पीजीआई
मोटापे की वजह है शारीरिक निष्क्रियता
मोटापा चिंता का विषय है। प्रदेश में बड़े ही नहीं, बच्चों पर भी इसका असर देखा जा रहा है। प्रदेश में करीब दस प्रतिशत मोटापा बढ़ा है। एनएफएचएस की सर्वे में यह स्पष्ट दर्शाया गया है। शारीरिक निष्क्रियता मोटापे की वजह है। इसकी वजह से अधरंग, तनाव, मधुमेह, एसिडिटी के अलावा पेट व खाने की नली के कैंसर का भी खतरा बढ़ जाता है।
विज्ञापन

- डॉ. आरबी जैन, अध्यक्ष, सामुदायिक आयुर्विज्ञान विभाग, पीजीआई
बेहतर स्वास्थ्य के लिए यह करें
- वाहनों के बजाय साइकिल का ज्यादा प्रयोग करें।
- रोजाना कम से कम 10 हजार कदम पैदल जरूर चलें।
- दैनिक दिनचर्या का कुछ समय व्यायाम पर बिताएं।
- एसी जरूरी होने पर ही प्रयोग करें, अन्य बंद रखें।
- प्लास्टिक के बजाय कपड़ों के बैग प्रयोग करें।
- घर पर फल-सब्जी उगाएं, उन्हीं का सेवन करें।
- पर्यावरण के लिए पेड़-पौधे जरूर लगाएं।
- पानी जीवनोपयोगी है, इसका संरक्षण करें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें