कार्य में लापरवाही बरतने के साथ गड़बड़ी के आरोपों में घिरे जन स्वास्थ्य विभाग की शिकायतों पर शीर्ष अधिकारियों ने संज्ञान लिया और शुक्रवार को चंडीगढ़ से विजिलेंस की एक टीम रोहतक छानबीन के लिए आ गई। टीम ने शिकायतों के आधार पर तकरीबन ढाई घंटे जांच की और एक एसडीओ सहित चार कनिष्ठ अभियंताओं से उनका रिकॉर्ड मांगा है। शिकायत के आधार पर टीम ने जांच के लिए साक्ष्य एकत्रित किए और लौट गई। जांच अधिकारी ने बताया है कि वह अपनी रिपोर्ट मुख्यालय को देंगे।
जन स्वास्थ्य विभाग के सब डिविजन-एक और तीन में हुए कामों में गड़बड़ी की शिकायत पर शुक्रवार को हेडक्वार्टर की विजिलेंस टीम अधीक्षण अभियंता के कार्यालय पहुंची। टीम ने जांच के दौरान कई अहम दस्तावेज कब्जे में लिए हैं। एसडीओ, जूनियर इंजीनियरों और कर्मियों से पूछताछ की। विजिलेंस टीम के आने से विभाग में हड़कंप की स्थिति बनी रही।
सब डिविजन-एक (शहर) और सब डिविजन-तीन (कलानौर) को लेकर लगी शिकायतों व गड़बड़ी के आरोपों पर विभाग के अधिकारियों ने संज्ञान लिया है। इसी के आधार पर रोहतक आई विजिलेंस टीम ने शुक्रवार को सारा रिकार्ड खंगाला है। टीम ने यहां के एसडीओ सहित दोनों डिविजनों के दो-दो कनिष्ठ अभियंताओं से भी सवाल किए हैं। इसके साथ ही दोनों डिविजनों में हुए कार्यों, शिकायतों, पेमेंट, आन लाइन टेंडर व ऑफ लाइन टेंडरों का रिकॉर्ड लिया है।
गौरतलब है कि पिछले दिनों विभाग के अधीक्षण अभियंता कार्यालय में पेयजल आपूर्ति के लिए भीड़ ने हंगामा किया था। स्थिति यहां तक पहुंची की अधिकारी को एक महिला ने चप्पल तक दिखा दी। इसके साथ ही कलानौर की शिकायतों की जांच के लिए जब स्वयं अधिकारी मौके पर गए तो किसी का निस्तारण हुआ नहीं मिला। इसके अलावा अधिकारी पर आरोप था कि उन्होंने ऑन लाइन टेंडर लगाने की बजाय ऑफ लाइन टेंडर लगा कर सरकार को लाखों का चूना लगाया है। इन सभी शिकायतों के आधार पर शुक्रवार को विजिलेंस टीम ने जांच की है। इन शिकायतों के आधार पर उच्चाधिकारियों के आदेश पर अधीक्षण अभियंता विजिलेंस हेडक्वार्टर विक्रम वीर माथुर शुक्रवार को टीम के साथ रोहतक अधीक्षण अभियंता के कार्यालय जांच के लिए पहुंचे थे।
जांच पूरी होने तक कुछ नहीं कहा जा सकता। जांच रिपोर्ट मुख्यालय में सौंपी जाएगी।
- विक्रम वीर माथुर, एसई विजिलेंस
एसई विजिलेंस जांच करने के लिए आए हैं, मगर किस मसले पर आए हैं, इसकी जानकारी नहीं है।
- राजीव गुप्ता, अधीक्षण अभियंता, जन स्वास्थ्य विभाग