रोहतक। 12 साल पुराने केस में अशोक खेमका पर एफआईआर करने के मामले पर नवीन जयहिंद का कहना है कि वह ऐसे अधिकारी हैं, जिन्होंने कभी किसी प्रकार का कोई घोटाला नहीं किया। उनका 56 बार तबादला हो चुका है वो ईमानदार हैं। वह किसी भी सरकार में ड्यूटी पर रहे, उन्होंने हमेशा भ्रष्टाचार उजागर किया। जिस व्यक्ति ने उन पर एफआईआर दर्ज करवाई है उनके पिता को अशोक खेमका ने सस्पेंड किया था। ईमानदार खेमका से बेईमान सरकार डरी है और वह उनके साथ हैं।
नवीन जयहिंद ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया कि आठ हजार रजिस्ट्रियों का घोटाला हुआ था। मुख्यमंत्री को इसकी जांच करवानी चाहिए। खेमका जब इस डिपार्टमेंट थे तब 300 घोटालो की जांच खुद कर चुके थे। 2017 के मामले मे पंचकूला डीसीपी ने जांच करते हुए खेमका को क्लीन चिट दी थी। जिन नियुक्तियों में खेमका के ऊपर केस बनाया जा रहा है उनमें चेयरमैन रोशन लाल सैनी, अशोक यादव, कुसुम, सूद साहब, अशोक खेमका समेत पांच लोग शामिल थे। इनसे खेमका का कोई लेना देना नहीं है। सात साल पुरानी सरकार व 12 साल पहले का केस अब कैसे उजागर हुआ है।