रोहतक। संयुक्त किसान मोर्चा बड़ा आंदोलन करने जा रहा है। इसका फैसला सोमवार को सिंघु बॉर्डर पर होगा। सरकार चाहे कितनी भी शहादत ले ले, मगर कृषि कानून वापस हुए बिना किसान घर नहीं जाएंगे। उक्त बातें रविवार को भाकियू अंबावता के प्रदेश अध्यक्ष अनिल नांदल ने कहीं हैं।
उन्होंने कहा कि करनाल के बसताड़ा टोल प्लाजा पर किसानों पर लाठीचार्ज का आदेश देने वाले अफसर पर मुकदमा दर्ज किया जाए। पुलिस ने सरकार के इशारे पर किसानों पर लाठी बरसाई है। आने वाले समय में जनता इसका हिसाब लेगी। उन्होंने कहा कि पांच सितंबर को मुजफ्फरनगर में होने वाली महापंचायत में कई अहम फैसले होंगे। इसकी रणनीति बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा-जजपा के कार्यक्रमों के विरोध की किसान घोषणा कर चुके हैं। सीएम जानते थे कि किसान विरोध करेंगे, फिर भी करनाल में बैठक बुलाई गई। यदि किसानों पर लाठीचार्ज नहीं बरसानी थी तो बैठक चंडीगढ़ में भी कर सकते थे। इस दौरान भाकियू महासचिव चांद सिंह कुंडू, जिलाध्यक्ष रणधीर काला, किसान रामधन खेड़ी, रणबीर टीटोली आदि मौजूद रहे।