रोहतक। न्यू राजेंद्रा कॉलोनी में सेटरिंग का कारोबार करने वाले मामा ने भांजे का वेतन नहीं बढ़ाया तो भांजे ने दो अन्य के साथ मिलकर स्टोर में आग लगा दी। हादसा मानकर चल रहे नवीन को तब पूरे मामले का पता चला, जब उसने सीसीटीवी कैमरे की डिवीआर की जांच करवाई। पुलिस ने आरोपी भांजे विकेत उर्फ मोनी व दो अन्य आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक नवीन ने दी शिकायत में बताया कि वह निर्माणाधीन बिल्डिंग के लिए सेटरिंग भेजने का काम करता है। इसके लिए गोदाम बना रखा है। उसका भांजा विकेत भी उसके पास ही काम करता था। 14 सितंबर को विकेत उसके पास आया और बोला वेतन बढ़ा दो, मेरा काम नहीं चल रहा है। मैंने कहा कि, आप मिस्त्री नहीं बने हो। इसलिए पैसे नहीं बढ़ा सकता। इससे नाराज होकर कहासुनी की और वहां से चला गया। 15 सितंबर को उसके गोदाम में आग लग गई, जिसमें सेटरिंग का सामान जल गया। फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। जांच में पता चला कि आग लगी नहीं, बल्कि लगाई गई है। उसे अपने भांजे विकेत पर शक था, लेकिन गोदाम में लगे कैमरे भी जल गए थे। ऐसे में उसने डिवीआर की जांच करवाई। जांच में साफ दिखाई दे रहा है कि विकेत अपने दोस्त व चाचा काले के साथ मोटरसाइकिल पर आता है। इसके बाद स्टोर में आग लग देते हैं। साथ ही कैमरे भी तोड़ दिए। जब उसने बात की तो उसे धमकी दी गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।