एनएचएआई की ओर से राष्ट्रीय राजमार्ग -352ए का निर्माण 1380 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। मार्च तक निर्माण के बाद सोनीपत के लोगों को समर्पित किया जाएगा। इससे मुरथल स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग-44 से जींद का सीधा जुड़ाव हो जाएगा। करीब 80 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण दो हिस्से में किया जा रहा है। मुरथल से गोहाना तक निर्माणाधीन हिस्से पर 799 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। दूसरा हिस्सा गोहाना से जींद तक है। दोनों ही हिस्सों का निर्माण कार्य अलग-अलग एजेंसियां कर रही हैं। जिले की सीमा में राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण 85 फीसदी पूरा किया गया है।
एनएच-352ए को गांव ईशापुर खेड़ी के पास निर्माणाधीन दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेस-वे से जोड़ा जाएगा। एक्सप्रेस-वे से जुड़ने के बाद वाहन चालक अमृतसर होते हुए कटरा आ-जा सकेंगे। गोहाना व जींद क्षेत्र के वाहन चालक जिन्हें दिल्ली, रोहतक, पंजाब के लुधियाना, अमृतसर व अन्य शहरों में जाना होता है, उनके लिए रास्ता सुगम हो जाएगा।
एनएच-352ए का निर्माण होने से सोनीपत से जींद तक करीब 80 किलोमीटर की दूरी महज 50 मिनट में तय हो सकेगी। अब तक वाहन चालकों को जींद जाने में डेढ़ से पौने दो घंटे का समय लग रहा है। जींद का सीधा कनेक्शन मुरथल स्थित एनएच-44 और गांव बड़वासनी के पास एनएच-334पी से हो जाएगा। इससे वाहन चालकों के लिए दिल्ली आना-जाना काफी आसान हो जाएगा।
नए साल में सोनीपत जिले के लोगों को दो नए राष्ट्रीय राजमार्ग समर्पित कर दिए जाएंगे। पश्चिमी यमुना लिंक नहर के साथ बनाए गए एनएच-334पी से आईजीआई का सफर आसान हो जाएगा। जनवरी में इस मार्ग को खोलने की तैयारी की जा रही है। वहीं एनएच-352ए का निर्माण तेजी से हो रहा है। मार्च तक इसे पूरा कर लिया जाएगा। इस राजमार्ग को निर्माणाधीन दिल्ली-कटरा एक्सप्रेस-वे व एनएच-334पी के साथ जोड़ा जाएगा। -गजेंद्र सिंह, डीजीएम, एनएचएआई।