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यूजी का रजिस्ट्रेशन बंद, पीजी की वेरिफिकेशन शुरू

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कॉलेजों में अंडर ग्रेजुएट कक्षाओं (यूजी) में दाखिले के लिउ रजिस्ट्रेशन सोमवार को समाप्त हो गया। पोस्ट ग्रेजुएट कक्षाओं के लिए आवेदकों के फॉर्म के वेरिफिकेशन का काम सोमवार से शुरू होना था। लेकिन उच्च शिक्षा निदेशालय के पोर्टल पर शाम तक उसका मॉॅड्यूल ही नहीं आया।
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निदेशालय की ओर से जारी प्रोग्राम के अनुसार यूजी कक्षाओं में दाखिले के लिए सोमवार के बाद रजिस्ट्रेशन नहीं हो सकेगा। जिन विद्यार्थियों ने पहले रजिस्ट्रेशन करवा लिया है, सिर्फ वे ही दाखिला ले सकेंगे। उनके पास भी सिर्फ दो दिन हैं, 13 अक्तूबर के बाद कोई भी कॉलेज किसी विद्यार्थी को दाखिला नहीं दे सकेगा। इस बारे में निदेशालय पहले ही स्पष्ट आदेश जारी कर चुका है। अब कॉलेजों के लिए एक नई समस्या आ गई है। ऐन मौके पर बहुत से विद्यार्थी दाखिला एक जगह से कैंसिल करवा कर दूसरी जगह ले रहे हैं। कॉलेजों के लिए मुश्किल यह है कि इन सीटों को कैसे भरा जाए। रजिस्ट्रेशन अब होगा नहीं और दाखिलों के लिए भी सिर्फ दो दिन का समय बचा है। कॉलेजों को यह चिंता सता रही है कि अगर सीटें खाली रह गईं तो उन्हें नुकसान होगा। सभी कॉलेज इसी जद्दोजहद में लगे हैं कि किसी तरह 13 तक सारी सीटें भर जाएं। उधर, पीजी कक्षाओं के लिए वेरिफिकेशन का काम मंगलवार से शुरू होगा। सभी कॉलेजों ने पीजी के शिक्षकों को निर्देश दे दिए हैं। वे फॉर्मों का ऑनलाइन वेरिफिकेशन करेंगे।
दो साल में दोगुनी हो गई हॉस्टल फीस
पंडित नेकीराम शर्मा कॉलेज प्रबंधन द्वारा हॉस्टल फीस बढ़ाने से नाराज विद्यार्थियों ने प्रिंसिपल ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया। कॉलेज प्रशासन ने लंबी बैठक के बाद आश्वासन दिया कि जल्द ही हॉस्टल कमेटी की बैठक बुलाकर उनकी मांग पर विचार किया जाएगा। छात्र एकता मंच के जिलाध्यक्ष अमनप्रीत विद्यार्थी ने बताया कि दो साल पहले हॉस्टल फीस करीब 14 हजार रुपये प्रतिवर्ष होती थी, जो अब बढ़ाकर 24 हजार रुपये प्रतिवर्ष कर दी गई है। विद्यार्थी कई बार इसे लेकर कॉलेज प्रशासन से मिल चुके हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। उन्होंने कहा कि पूरा सर्वेंट चार्ज दाखिले के समय लेने के कारण फीस बढ़ी है। विद्यार्थियों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द कोई फैसला न लिया गया तो वे फीस नहीं जमा करवाएंगे। दो दिन कॉलेज प्रशासन के फैसले का इंतजार करेंगे। उसके बाद आंदोलन छेड़ेंगे। इस मौके पर पूजा, नरेश, प्रीति, मुस्कान, अमन, साहिल, प्रिया, हिमांशु भी मौजूद रहे।
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एमडीयू में हड़ताल, नहीं हुए विद्यार्थियों के काम
एमडीयू के कर्मचारी सोमवार को भी हड़ताल पर रहे, जिस कारण विद्यार्थियों के काम नहीं हो सके। विद्यार्थियों को पीजी कक्षाओं में आवेदन करना है, जिसके लिए कई आवश्यक दस्तावेज चाहिए होते हैं, जो उन्हें नहीं मिल सके। सुबह गेट मीटिंग में गैर शिक्षक संघ के प्रधान रणधीर कटारिया ने घोषणा की कि जेडी ऑडिट की कार्यप्रणाली को देखते हुए सभी कर्मचारियों ने हड़ताल पर रहने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि छात्रों को होने वाली परेशानी को कर्मचारी समझते हैं। वे नहीं चाहते कि विद्यार्थियों को कोई परेशानी हो, लेकिन मजबूरन उन्हें आंदोलन की राह पर चलना पड़ा है। वे चाहते हैं कि सरकार जल्द से जल्द ज्वाइंट डायरेक्टर ऑडिट का तबादला करे। डॉ. आंबेडकर मिशनरीज विद्यार्थी एसोसिएशन के विक्रम डुमोलिया ने कहा कि उनका संगठन कर्मचारियों के साथ है। सरकार को चाहिए कि जल्द से जल्द कर्मचारियों की मांग मान ले। छात्र एकता मंच के सुमित ने भी आंदोलन का समर्थन किया। मीटिंग को राजेश गिरधर, रविंद्र लोहिया, रमेश रोहिल्ला, विकास अहलावत, फूल कुमार बोहत, सुमेर अहलावत, निरंजन और सुरेश कौशिक ने भी संबोधित किया।
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