रोहतक। जिस पटरी पर कोयले से लदी मालगाड़ी के दो डिब्बे नीचे उतरे थे, उसकी मरम्मत दिन में की गई थी। ऐसे में मरम्मत कार्य और संबंधित अधिकारी सवालों के घेरे में हैं। वहीं, शनिवार को जांच टीम की मौजूदगी में बेपटरी हुए डिब्बों के एलाइनमेंट की जांच की गई।
4 अगस्त (बुधवार) की रात करीब 11 बजे बिहार से भिवानी की तरफ जाते समय मालगाड़ी के दो डिब्बे पटरी से उतर गए थे। दोनों डिब्बे करीब 30 मीटर तक घिसटते चले गए थे, जिससे करीब 60 स्लीपर टूटे। जिस समय डिब्बे पटरी से उतरे थे, उस समय मालगाड़ी आठ किमी. प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही थी। जांच कर रही छह सदस्यीय टीम हर बिंदु से जांच कर रही है। सूत्रों का कहना है कि जांच अब पटरी के रखरखाव पर केंद्रित होती जा रही है। वजह, जांच में सामने आया है कि तीन अगस्त को ही पटरी का मरम्मत कार्य किया गया था, जिसको लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं और मरम्मत कार्य सवालों के घेरे में आ गया है। इसके चलते शुक्रवार को जांच टीम की मौजूदगी में दोनों डिब्बों के एलाइनमेंट की जांच शकूरबस्ती में की गई है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि डिब्बे में कोयले की ओवरलोडिंग नहीं मिली है। डिब्बों का एलाइनमेंट सही नहीं होता तो बिहार से मालगाड़ी सही सलामत रोहतक तक नहीं आती। हकीकत एलाइनमेंट की जांच रिपोर्ट आने के बाद सामने आएगी।
वर्जन
जिस पटरी पर मालगाड़ी के दो वैगन उतरे थे, उसकी दिन में रुटीन मरम्मत हुई थी। इसकी हर बिंदु से जांच हो रही है। जांच पूरी होने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
- नवीन छिकार, एईडीएन (असिस्टेंट डिविजनल इंजीनियर)