पीजीआई में मोर्चरी के बाहर मौजूद मृतक के परिजन। संवाद
लाखनमाजरा के खरेंटी गांव में युवक की पीट-पीटकर हत्या करने के बाद तनाव का माहौल बना हुआ है। उधर, पीजीआई में परिजनों ने हत्यारोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने तक पोस्टमार्टम के बाद शव लेने से इनकार कर दिया। यही नहीं, सड़क जाम लगाने की भी तैयारी कर दी थी। इस कारण पीजीआई के शव गृह में रविवार को चार घंटे तक अफरातफरी मची रही। बाद में पुलिस ने परिजनों को किसी तरह समझाकर शांत कराया। इसके बाद परिजन शव को लेकर घर चले गए। इस दौरान गांव में एहतियातन पुलिस की तैनाती की गई थी।
पुलिस को दी शिकायत में खरेंटी निवासी बलबीर (65) ने कहा है कि उनका बेटा सुशील शनिवार को गांव में ही जयभगवान की चाऊमीन व बर्गर की दुकान पर गया था। इस दौरान उसके साथ दोस्त सुमित उर्फ गोलू व सोनी भी थे। दुकान पर अर्जुन व सदानंद के साथ उनके बेटे की कहासुनी हो गई। इसके बाद सुशील, सुमित व सोनू घर के लिए चल दिए। शाम करीब साढ़े सात बजे सुशील अपने दोस्त सुमित व सोनू के साथ बलवान के घर के पास से गुजर रहा था। इस दौरान सदानंद, अर्जुन, लाला, दीपक व अन्य लड़कों ने तीनों पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया था। शोर सुन कर गली के अन्य लोग बीच बचाव के लिए दौडे़ तो हमलावर भाग खड़े हुए। लोगों ने सुशील, सुमित व सोनू को अस्पताल ले गए, जहा चिकित्सकों ने सुशील को मृत घोषित कर दिया। उधर, सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू की। रविवार को पीजीआई में परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने तक शव लेने व जाम लगाने की तैयारी कर दी थी। इसकी भनक लगते ही पुलिस ने मौजिज लोगों से बातचीत कर उन्हें कार्रवाई का विश्वास दिलाया व उन्हें शांत किया।
लाखनमाजरा थाना प्रभारी अब्दुल्ला खान ने बताया कि सुशील की हत्या के मामले में केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। गांव में सुरक्षा व्यवस्था बनाने के लिए जवानों की विशेष तौर पर ड्यूटी लगाई गई है।