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सरकार ने करोड़ों खर्च फिर फिर भी जनता प्यासी

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सोनीपत रोड स्थित तीसरा जलघर। संवाद
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दावा : 15-20 दिन में चलेगा कन्हैली जलघर
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ठेकेदर बोला- अभी निर्माण में लगेंगे 4-5 माह
हकीकत: सरकार के करोड़ों खर्च फिर भी जनता प्यासी
तीन साल से ज्यादा का समय गुजरा, मगर नहीं चालू हुआ तीसरा जलघर
पालिका कॉलोनी में डेढ़ साल पहले तैयार बूस्टिंग स्टेशन सफेद हाथी बनकर चिढ़ा रहा है
फोटो : सतीश 1-3
माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। अमरुत योजना के तहत सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर चुकी है, फिर भी शहरवासियों को प्यास बुझाने के लिए पानी नसीब नहीं हो रहा है। प्यासी जनता चिलचिलाती धूप में सड़क पर उतरने के लिए मजबूर है। दूसरी तरफ अफसर करोड़ों रुपये के प्रोजेक्टों की हकीकत देखना भी उचित नहीं समझ रहे हैं। यही वजह है कि अभी तक न तीसरा जलघर, कन्हैली जलघर चालू हो सका है और न मस्तनाथ नगर पंपिंग स्टेशन व पालिका कॉलोनी के बूस्टर।
अमरुत योजना के तहत शहर की सीवर और पेयजल समस्या का निदान करने के लिए 331 करोड़ रुपये जारी किए गए थे। इसमें से 212 करोड़ रुपये सीवर और 109 करोड़ पेयजल व्यवस्था में सुधार पर खर्च किए गए हैं। पेयजल की योजनाओं पर करीब 100 करोड़ रुपये का भुगतान हो चुका है, लेकिन लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी सप्लाई नहीं हो रहा है। हकीकत यह है कि डेढ़ साल पहले बनकर तैयार हुआ पालिका कॉलोनी बूस्टर अभी तक चालू नहीं किया गया है। लोग बूस्टर के चालू होने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अफसर इस तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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एक नजर करोड़ों के प्रोजेक्टों की हकीकत पर
1. तीसरा जलघर बोहर : करीब 15 करोड़ रुपये में 22 एमएलडी की क्षमता का 2019 से बन रहा है। इसके चालू होने से नेहरू कॉलोनी, संजय कॉलोनी, जींद चौक एरिया, खोखरा कोट, बसी नगर, फौजी कॉलोनी, रामजोहड़ी, सलाला मोहल्ला, कच्चा चमारिया रोड, हनुमान कॉलोनी, रूप नगर, तेज कॉलोनी की करीब एक लाख आबादी को पानी मिलेगा। हैरानी की बात तो यह है कि जिम्मेदार अधिकारी ठेकेदार के कहे अनुसार कभी 10 दिन तो कभी एक सप्ताह में चालू होने की बात कहते हैं, पर अभी चालू नहीं हुआ है। धरातल पर हकीकत यह है कि एक पाइप टूटी हुई है, जो सही नहीं हुई है।
2. कन्हैली जलघर: करीब ढाई करोड़ रुपये से ढाई एमएलडी का बन रहा है। इसके बनने से कन्हैली, सुनारिया, चमारिया आदि की आबादी को पानी मिलेगा। हकीकत यह है कि अभी तक यह बनकर तैयार नहीं हुआ है। न तो अभी जलशोधन टैंक का निर्माण हुआ है और न बिजली का कनेक्शन लगा है। ठेकेदार का कहना है कि कम से कम जलघर को बनने में चार-पांच माह लग जाएंगे। वहीं, जिम्मेदार अफसर मनजीत दहिया दावा करते हैं कि 15 से 20 दिन में कन्हैली जलघर से पानी सप्लाई शुरू करवा दी जाएगी।
3. मस्तनाथ पंपिंग स्टेशन: इसके निर्माण की लागत करीब 70 लाख रुपये बताई गई है। इसके चालू होने से मस्तनाथ नगर के आसपास के एरिया की पेयजल समस्या का निदान होगा। इसको लेकर ठेकेदार का कहना है कि ट्रांसफार्मर आदि आ चुके हैं। कुछ निर्माण होना शेष हैं, तब बिजली कनेक्शन लेकर चालू किया जाएगा। वहीं, जिम्मेदार अफसर कह रहे हैं कि मस्तनाथ पंपिंग स्टेशन का काम लगभग पूरा हो चुका है, जल्द चालू करवा देंगे।
4. पालिका कॉलोनी बूस्टर : पालिका कॉलोनी, राजेंद्र कॉलोनी की आबादी 20 हजार से ज्यादा है। काफी समय से लोग गंभीर पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं। अमरुत योजना के तहत बूस्टर बनवाया गया था, जो करीब डेढ़ साल पहले बनकर तैयार हो गया, मगर अभी तक अधिकारियों की ढिलाई की वजह से पानी सप्लाई शुरू नहीं हुई है। क्षेत्रीय लोगों का आरोप है कि लाखों रुपये में बना बूस्टर सफेद हाथी साबित हो रहा है। कई बार अधिकारियों से चालू कराने के लिए कह चुके हैं, मगर अभी तक कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
वर्जन:
जलघर-तीन में चार इंच की पाइप टूटी है। टैंक खाली कराने सही कराएंगे। जिसमें एक सप्ताह का समय लगने की उम्मीद है। कन्हैली जलघर को तैयार होने में चार-पांच माह लग जाएंगे। मस्तनाथ नगर पंपिंग स्टेशन पर काम जारी है, बिजली कनेक्शन होना बाकी है। इसको चालू होने में समय लगेगा। -कपिल, ठेकेदार
जलघर-तीन दो-तीन दिन में चालू हो जाएगा। कन्हैली जलघर 10-15 दिन में चालू करवा देंगे। मस्तनाथ नगर पंपिंग स्टेशन का काम भी लगभग पूरा है, जल्द ही चालू करवा दिया जाएगा। पालिका कॉलोनी का बूस्टर बनकर तैयार है, इसको भी जल्द चालू करवाने का प्रयास करेंगे। -मनजीत दहिया, अधिशासी अभियंता हेडक्वार्टर नगर निगम।
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सांसद फिर बोले, मुझसे सबूत मांगने की जगह जांच करवा लें
वहीं, अमरुत प्रोजेक्ट पर भाजपा के लोकसभा सांसद डॉक्टर अरविंद शर्मा ने एक बार फिर सार्वजनिक मंच से सवाल उठाया है। जाट कॉलेज के बाद अब पहरावर में परशुराम जयंती पर अपने संबोधन में सांसद ने कहा कि करोड़ों के प्रोजेक्ट की जांच करवाने के बजाय मुझसे सबूत मांगे जा रहे हैं। पुलिस से लेकर विजिलेंस सरकार के पास है। पूछताछ करवा लें।
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