रोहतक। ग्रीन रोड स्थित जैन तेरापंथ भवन में रविवार को साध्वी सुमन के सानिध्य में पर्यूषण पर्व का पहला दिन खाद्य संयम दिवस के रूप में मनाया गया। संयम दिवस पर बच्चों ने धार्मिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। महिलाओं ने गीतिका के माध्यम से धर्म आराधना की।
साध्वी सुमन ने प्रवचनों में कहा कि संयम सृष्टि का आदि धर्म है। यह जड़ और चेतन दोनों की सुरक्षा का मूलभूत आधार है। संपूर्ण दृष्टि से अमन-चैन का एकमात्र साधन है। संयम, इसी संयम के कारण सामाजिक, पारिवारिक व विविध संगठन खड़े होते हैं। इस शरीर का गठन भी किसी विशेष संयम के कारण सुरक्षित रह सका है। हर व्यक्ति एक सीमा तक खाने पर संयम रखता है। भले वह रोग के डर से हो, सौंदर्य नष्ट होने के भय से हो या अन्य कारण हो, यह सहज जीवन की व्यवस्था है। इस मौके पर डॉ. आरबी जैन, संजय जैन, कृष्णा जैन, शैलेश जैन, नरेश जैन, कैलाश जैन दिनेश जैन निर्मल जैन, नीलम जैन, वंदना जैन, श्वेता जैन, मालती जैन, त्रिशला जैन, रतनी बाई जैन उपस्थित रहे।