वकील ने बताया कि केस में 59 आरोपी हैं, इसमें जाट नेता अशोक बल्हारा, राहुल दादू, मनोज दूहन, जोगेंद्र उर्फ उर्फ जोगा व धर्मेंद्र हुड्डा सहित अन्य आरोपी भी नामजद हैं। अदालत में पेश न होने पर धर्मेंद्र हुड्डा को भगौड़ा घोषित किया जा चुका है।
जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हिंसा में पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी जलाने के मामले में दो दिन सीबीआई कोर्ट में गवाही चली। केस में अब तक 153 गवाहों में से 30 के बयान हो गए हैं, बाकी की गवाही अगली सुनवाई पर होगी।
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बचाव पक्ष के वकील ने बताया कि सीबीआई ने रोहित की शिकायत पर 118 नंबर एफआईआर दर्ज की थी। आरोप है जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हिंसा भड़क उठी। इस दौरान फरवरी 2016 में दोपहर करीब साढ़े तीन बजे भीड़ लाठी, तलवार और पेट्रोल बम से लैस होकर दिल्ली बाईपास की तरफ से कैप्टन अभिमन्यु की कोठी की ओर आई। युवक जबरन अंदर घुस गए। कोठी के अंदर खड़े वाहनों को आग लगा दी। साथ ही सारा सामान लूट लिया। आरोप है कि अंदर मौजूद लोगों को मारने के इरादे से पेट्रोल बम फेंके गए, इससे कोठी में करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ था। इस मामले की पहले जांच पुलिस कर रही थी, बाद में केस को सीबीआई को सौंपा गया।
केस में हैं 59 आरोपी
वकील ने बताया कि केस में 59 आरोपी हैं, इसमें जाट नेता अशोक बल्हारा, राहुल दादू, मनोज दूहन, जोगेंद्र उर्फ उर्फ जोगा व धर्मेंद्र हुड्डा सहित अन्य आरोपी भी नामजद हैं। अदालत में पेश न होने पर धर्मेंद्र हुड्डा को भगौड़ा घोषित किया जा चुका है। बचाव पक्ष के वकील ने बताया कि हाईकोर्ट ने छह माह में केस का निपटारा करने की हिदायत दी थी। ऐसे में सीबीआई कोर्ट हर सप्ताह सुनवाई कर रही है। शुक्रवार व शनिवार को लगातार दो दिन तक पंचकूला स्थित सीबीआई कोर्ट में गवाही चली। अब तक 30 लोगों के बयान दर्ज हो चुके हैं।