एमडीयू गैर शिक्षक कर्मचारी संघ के चुनाव ने जोर पकड़ लिया है। इस बार पांच पैनल के प्रत्याशियों के बीच कड़ा मुकाबला है। चुनाव में कुल 831 वोटर अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। 23 नवंबर को सुबह आठ से शाम चार बजे तक मतदान होगा। उसके बाद मतगणना और नतीजा घोषित कर दिया जाएगा।
संघ के प्रधान पद के लिए पांच दावेदार हैं, जिनमें सुमेर अहलावत, फूल कुमार बोहत, कुलवंत मलिक, राजबाला सांगवान, राजेंद्र सांगवान शामिल हैं। संघ के निवर्तमान प्रधान रणधीर कटारिया ने कहा कि पांच पैनल वोटरों को अपने पक्ष में करने के लिए हरसंभव कोशिश कर रहे हैं। जो लोग कैंपस में रहते हैं, उनके घरों में जाकर वोट मांगे जा रहे हैं। कैंपस में टोलियां बनाकर प्रचार किया जा रहा है। साम, दाम, दंड, भेद, हर तरीके से वोटरों को रिझाने की कोशिश की जा रही है। योगेश सिवाच ने कहा कि दफ्तर और घर के अलावा फोन से संपर्क किया जा रहा है, रिश्तेदारों से संदेश भिजवाया जा रहा है। सोशल मीडिया पर व्हाट्सएप के जरिये, कुछ मुलाजिमों ने फेसबुक पेज बना रखा है, जिससे करीब 350 मुलाजिम जुड़े हैं, उस पर प्रचार किया जा रहा है। एमडीयू के आधिकारिक पेज पर कोई प्रचार नहीं हो रहा है। सभी प्रत्याशी अपना शक्ति प्रदर्शन करके भी माहौल अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले जाति, भाई-भतीजावाद आदि पर वोट पड़ जाते थे। लेकिन अब वोटर जागरूक हो गए हैं, वे खुद कैंडिडेट के बारे में जानकारी हासिल करते हैं कि वह अपनी सीट पर काम करता है या नहीं। कहीं ऐसा तो नहीं है कि काम न करने के लिए वह संघ का पदाधिकारी बनना चाहता हो। पिछले कुछ सालों में साइलेंट वोटर बढ़े हैं। इस बार पांच पैनल हैं इसलिए एक-एक वोट सभी के लिए कीमती है।
जारी रहेगा धरना
गैर शिक्षक संघ के निवर्तमान प्रधान रणधीर कटारिया ने कहा कि चुनाव के दौरान भी मुलाजिमों का धरना जारी रहेगा। रविवार को एमडीयू में विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता खत्म करने के सरकारी फरमान के खिलाफ धरना जारी रहा। 22 व 23 को भी धरना जारी रहेगा। प्रचार और चुनाव चलते रहेंगे। 24 नवंबर को यहां बैठक होगी, इसमें सभी विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। उसमें ही आगे की रणनीति तय की जाएगी।