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जेएलएन नहर में बहे छात्र का नहीं मिला शव, पानी बंद कराने को धरने पर बैठे परिजन

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जेएनएन नहर में बह जाने वाले नितिन के परिजन को डीसी आवास के सामने समझाते पुलिस के अधकारी।
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रोहतक। गांव बोहर के पास जेएलएन नहर में संदिग्ध परिस्थितियों में बहे मस्तनाथ विश्वविद्यालय के बीएएमएस के छात्र नितिन के परिजनों ने वीरवार दिनभर नहर में तलाशने के बाद रात को डीसी निवासी के बाहर धरना दिया। रात आठ बजे धरना दे रहे लोगों की मांग थी कि नहर का पानी बंद किया जाए। अगर यह बंद नहीं हो सकता है तो इसका स्तर कम किया जाए। करीब एक घंटे धरने के बाद मौके पर तहसीलदार पहुंचे। जिन्होंने लोगों को समझाया। उन्होंने आश्वासन दिया कि शुक्रवार सुबह तक उनकी इस मांग पर चंडीगढ़ मुख्यालय से इजाजत ले ली जाएगी और पानी बंद या कम कर दिया जाएगा। वहीं, तहसीलदार ने लोगों को यह भी समझाया कि पानी कम करने से नहर में रेत की मात्रा भी ज्यादा बढ़ जाएगी। अगर नहर में नितिन का शव होगा भी तो वह उपर नहीं आ पाएगा, वह रेत में ढक जाएगा। तहसीलदार के समझाने पर लोगों ने करीब डेढ़ घंटे बाद धरना खत्म किया।
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जानकारी देते हुए नितिन के पिता आजाद ने बताया कि वीरवार को प्रशासन की ओर से नितिन को नहर में तलाशने के लिए चार गोताखोर भेजे गए थे। ये गोताखोर ऑक्सीजन गैस सिलिंडर लेकर नहर के पानी में उतरे। कुछ देर बाद ये वापस बाहर आ गए। बाहर आने के बाद सिलिंडर खत्म होने की बात कही। सिलिंडर भरवा कर आने के नाम पर ढाई घंटे लगा दिए। वापस आने के बाद फिर से नहर के पानी में गए और करीब 15 मिनट बाद ही बाहर आ गए और समय खत्म होने की बात कही।
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दोनों छात्रों पर जताया परिजनों ने शक
नितिन के परिजनों ने उसके साथ वाले यूपी के बदायूं व बहराइच निवासी साथी छात्रों पर शक जाहिर किया है। परिजनों ने बताया कि जब उन्होंने उक्त दोनों छात्रों से बातचीत की तो उनके बयानों में उन्हें बहुत बनावटी कहानी नजर आ रही थी। परिजनों ने शक जाहिर किया है कि या तो उक्त दोनों ने नितिन को नहर में डुबो दिया है या दोनों ने उसे कहीं छिपा दिया है। पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है।

बोहर गांव स्थित जेएलएन नहर में नितिन को तलाशती पुलिस। संवाद

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