रोहतक। रामलीला महोत्सव के दौरान रामलीला के मंच पर शनिवार को राम वनवास का मंचन किया गया। इस दौरान पिता-पुत्र प्रेम, राजा दशरथ-कैकेयी संवाद, राम-सीता व लक्ष्मण का वन गमन व अयोध्या की प्रजा का राम प्र्रेम देख दर्शक भाव-विभोर हो गए और उनके आंसू छलक आए। वहीं राम-सीता व लक्ष्मण के वन जाने की बात जैसे ही भरत को मिली तो वह भी तुरंत वन को निकल गए। कलाकारों ने अपने दमदार अभिनय से मंचन को जीवंत बना दिया।
पुरानी आईटीआई मैदान में रामलीला उत्सव कमेटी में शनिवार को राम वनवास व भरत मिलाप का कलाकारों ने मंचन किया। राजीव जैन ने बताया कि पलवल के एसपी दीपक गहलावत व असिस्टेंट कमिश्नर इनकम टैक्स सोनीपत सीमा अहलावत के सानिध्य में रामलीला का शुभारंभ हुआ। रामलीला उत्सव कमेटी के संरक्षक समाजसेवी राजेश जैन, रामलीला के उद्घाटनकर्ता समाजसेवी उद्योगपति दीपक जैन, मुख्य अतिथि उद्योगपति भारत भूषण गोयल एवं नमन गोयल, अति विशिष्ट अतिथि उद्योगपति दिनेश गुप्ता, सीए सुनील जैन व उद्योगपति रमेश बंसल, प्रधान सुभाष तायल आयोजन में मौजूद रहे। सभी ने भगवान राम की आरती की और पूरे परिसर में ड्रोन से पुष्पवर्षा की गई। इस अवसर पर जय भगवान ऐरण, जगदीश राय बालंदिया, कुलदीप गुप्ता, गुलशन निझावन, सुरेश मुंझाल, सुनील कुमार बल्ली, विजय गुप्ता बाबा, अनिल बंसल, दिनेश तायल, सुशील मंगला, नरेश शर्मा, वरुण शर्मा, योगेश अरोड़ा, पवन विरमानी, सन्नी निझावन, शीतल, सतीश भारद्वाज, माया जैन व सुमित्रा वर्मा आदि मौजूद रहे।
श्रीराम ने शिव धनुष तोड़कर जनक दुलारी का किया वरण
पुराने बस स्टैंड पर स्थित प्राचीन रामलीला सोसायटी में शनिवार को सीता स्वयंवर व लक्ष्मण परशुराम संवाद का मंचन किया गया। इसमें मुख्यातिथि समाजसेवी नवीन जैन व डॉ. आरके चौधरी रहे। रामलीला मंचन में दशरथ नंदन श्रीराम ने भगवान शिव का धनुष तोड़कर जनक दुलारी सीता का वरण किया। सीता स्वयंवर के दौरान शिव धनुष टूटते ही भगवान राम के जयकारे लगने शुरू हो गए। भगवान परशुराम को जैसे ही धनुष के टूटने की जानकारी मिली, वह भी दरबार पहुंच गए और उनका संवाद लक्ष्मण से हुआ।
नेक कुकारा और न्यू श्रीराम लीला सोसायटी में राम गए वन
गांधी कैंप स्थित नेक कुकारा रामलीला में राम वनवास की लीला का मंचन हुआ। इसमें मुख्यातिथि पूर्व सहकारिता मंत्री के बेटे हिमांशु ग्रोवर रहे। वहीं न्यू श्रीराम लीला सोसायटी में भी राम वनवास की लीला का मंचन हुआ और मुख्यातिथि समाजसेवी राजेश गुगनानी रहे।