एमडीयू के टैगोर ऑडिटोरियम में टैबलेट वितरण समारोह में मुख्यमंत्री मनोहर लाल।
- फोटो : अमर उजाला
आईटी के क्षेत्र से संबंधित कौशलों में बच्चों को किया जाएगा दक्ष
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से आईटी के क्षेत्र में कौशल हासिल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बच्चों की आईटी स्किल को निखारने की व्यवस्था सरकार द्वारा की जाएगी। बच्चों को 3-डी प्रिंटिंग, ड्रोन, एआई, ब्लॉक चेन सहित अन्य तकनीकों का कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। आईटी ट्रेंड युवक कहीं भी देश दुनिया में काम कर सकते हैं। उनके लिए रोजगार के रास्ते खुल जाते हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में हरियाणा के युवा देश और दुनिया में पहली पसंद बन जाएंगे। प्रदेश में अलग से फॉरन कॉपरेशन विभाग बनाया गया है, जिसके जरिए दूसरे देशों के साथ सीधा संपर्क कर वहां एक्सपोर्ट कर सकते हैं और मैन पावर भेज सकते हैं।
छात्रों के लिए विषयवार ओलंपियाड की शुरुआत
मुख्यमंत्री ने कहा कि फिजिक्स और गणित के विद्यार्थियों में अच्छी प्रतियोगिता हो, इसके लिए छात्रों के लिए विषयवार ओलंपियाड शुरू किया जाएगा। इसमें अच्छे अंक लाने वाले बच्चों को नासा और इसरो जैसी संस्थाओं में भेजा जाएगा। जिला और राज्य स्तर पर ओलंपियाड होंगे। इनमें शामिल विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और पुरस्कार भी दिया जाएगा। युवाओं को एनडीए लेवल की तैयारी करवाई जाएगी।
ये रहे मौजूद
शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर, पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर, एसीएस डॉ. महावीर सिंह, महानिदेशक जे. गणेशन, निदेशक अंशज सिंह, रोहतक के उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार, नगर निगम के संयुक्त आयुक्त नरहरि सिंह बांगड़, जिला पुलिस अधीक्षक उदय सिंह मीणा, मुख्यमंत्री के ओएसडी प्रचार गजेंद्र फौगाट, मुख्यमंत्री के मीडिया को ऑर्डिनेटर राजकुमार कपूर, एमडीयू के कुलपति डॉ. राजबीर सिंह, रोहतक के मेयर मनमोहन गोयल, जिला अध्यक्ष अजय बंसल, अतिरिक्त उपायुक्त महेंद्रपाल, चीनी मिल के प्रबंध महानिदेशक प्रदीप अहलावत, संयुक्त आयुक्त महेश कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. विजय लक्ष्मी नांदल, प्राचार्या रेनू खत्री व अन्य।
तख्ती पोतकर लिखने की जगह टैबलेट पर पढ़ने लगे विद्यार्थी : मुख्यमंत्री
शिक्षा के क्षेत्र में सूचना की क्रांति की शुरुआत हो गई है। हम स्कूल जाते थे तो पुस्तकों के साथ बस्ते में एक तख्ती भी होती थी। इसे बार-बार पोतना, लिखना ही हमारे लिए कंप्यूटर का काम करती थी। अब इस तख्ती की जगह टैबलेट ने ले लिया है। नई पीढ़ी इस आधुनिक तख्ती पर ही अभ्यास करेगी। पुराने समय की तख्ती अब टैबलेट बन गई है। यह कहना है मुख्यमंत्री मनोहर लाल का। वे गुरुवार को एमडीयू के टैगोर सभागार में आयोजित टैबलेट वितरण समारोह में बोल रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाभारत युद्ध से गीता निकली थी। उस युद्ध में भगवान कृष्ण ने गीता का ज्ञान दिया। ऐसा ही युद्ध पिछले करीब तीन वर्षों में कोविड से हुआ। इस युद्ध ने डिजिटलाइजेशन दिया। डिजिटल यानी दिल में गीता। तकनीक के इस स्वरूप को आगे बढ़ाते हुए विद्यार्थियों का शैक्षणिक कार्य जारी रखा। कोरोना का असर स्वास्थ्य पर ज्यादा पड़ा। इसके बाद बच्चों की शिक्षा पर व्यापक असर पड़ा। महामारी के कारण स्कूल बंद हो गए। ये सबसे बाद में खुले। इस दौरान बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा दी गई। हालांकि उस समय काफी दिक्कतें आईं। विद्यार्थियों के पास मोबाइल ही नहीं थे। इस समस्या से विचार आया कि हम टैबलेट की व्यवस्था क्यों नहीं कर सकते। इससे क्लास रूम विद्यार्थी के हाथ में आ गया है।
उन्होंने कहा कि हमने अपने जीवन में 42 वर्ष की उम्र में कंप्यूटर देखा था। मोबाइल 44 वर्ष की आयु में देखा था। मोटे व भारी भरकम मोबाइल में 18 रुपये की कॉल होती थी। फोन सुनने पर भी 10 रुपये लगते थे। विज्ञान ने काफी तरक्की की है। हम सुविधाजनक तरीके से बात कर सकते हैं। ऑनलाइन काम कर सकते हैं। विज्ञान ने आगे बढ़ने के रास्ते खोले हैं। सरकारी स्कूलों में टैबलेट देने का प्रयास निजी स्कूलों से भी इन्हें बेहतर बनाने की दिशा में उठाया गया कदम है। इस वर्ष पांच लाख टैबलेट दिए जाएंगे। अगले वर्ष यह संख्या और बढ़ाई जाएगी।
बच्चों ने जन्मदिन पर मुख्यमंत्री को भेंट किए तोहफे
समारोह में मुख्यमंत्री ने बच्चों को टैबलेट वितरित किए। बच्चों ने भी मुख्यमंत्री को उनके जन्मदिन पर उपहार भेंट किए। किसी ने अपने हाथ से बनाए पोस्टर तो किसी ने पोस्ट कार्ड दिए। मुख्यमंत्री ने इन्हें स्वीकार करते हुए बच्चों के प्रयास को सराहा। उनके बीच जाकर फोटो खिंचवाया और टैबलेट का सही उपयोग करने की सलाह दी।
प्रदेश के 119 खंडों में ऑनलाइन हुआ टैबलेट वितरण
एमडीयू में हुए टैबलेट वितरण समारोह से प्रदेश के विभिन्न सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी, शिक्षक व अधिकारी जुड़े। इसके लिए 119 खंडों में ऑनलाइन कार्यक्रम आयोजित किए गए। यहां से लोगों ने अपने अनुभव साझा किए तो मुख्यमंत्री ने भी उनसे टैबलेट व योजना के फायदे के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस पर विद्यार्थियों व अभिभावकों ने योजना को शिक्षा जगत में उठाया गया बेहतरीन कदम करार दिया।
‘ई-अधिगम’ योजना के शुभारंभ पर मुख्यमंत्री ने पूछे सवाल, बताओ आज मेरा 68वां या 69वां जन्मदिन
‘ई-अधिगम’ योजना के शुभारंभ पर एमडीयू के टैगोर ऑडिटोरियम में पहुंचे सूबे के सीएम मनोहर लाल गुरुवार को अपने जन्मदिन पर खास अंदाज में नजर आए। एक ओर उन्हें जन्मदिन की बधाइयां दी जा रही थीं तो दूसरी ओर सीएम ने सवाल कर दिया कि वह समझ नहीं पा रहे हैं कि आज उनका 68वां जन्मदिन है या 69वां। इसका निर्णय आप सभी करके बताएं।
ऑडिटोरियम में बैठे बच्चों से सवाल पूछा गया कि जो उन्हें 69 साल का मानते हैं, वह हाथ उठाएं। इसके बाद जो 68 का मानते हैं वह भी और अंत में जो समझ ही नहीं पा रहे हैं वह भी हाथ उठाएं। तीनों क्रम में जब एक समान संख्या में हाथ उठे तो उन्होंने यह जिम्मेदारी स्कूल में शिक्षकों के माध्यम से शिक्षा विभाग को सौंप दी कि अब शिक्षा विभाग के अधिकारी सभी का मत लेकर उन्हें बताएंगे कि वह कितने साल के हो गए हैं।
सीएम ने मंच से सवाल पूछा कि सरकार टैबलेट व इंटरनेट डाटा फ्री दे रही है, यह देना चाहिए या नहीं। इसी के साथ एक नाम पर कंफ्यूजन होने के चलते सीएम ने पूछा कि रोजी श्रीमान हैं या श्रीमती। उन्होंने बच्चों को पुस्तक, तख्ती से लेकर वर्तमान में कंप्यूटर युग के बारे में बताया। यहीं नहीं डिजिटल को वर्तमान की गीता बताते हुए कहा कि कोविड के चलते शिक्षा प्रभावित हुई और शिक्षा की नई नीति बनानी पड़ी है। इसके साथ ही सीएम ने ऑनलाइन प्रदेश के विद्यार्थियों, शिक्षकों व अभिभावकों से बात की।