महिलाएं किसी भी मायने में पुरुषों से पीछे नहीं हैं। मैं तो यह कहूंगी कि महिलाएं मानसिक तौर पर ज्यादा मजबूत होती हैं, बशर्ते उनके अंदर आत्मविश्वास होना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर अमर उजाला से विशेष साक्षात्कार में यह बात कही।
मूलरूप से उत्तरप्रदेश के अलीगढ़ की निवासी आईपीएस ममता सिंह हरियाणा के रोहतक रेंज की पहली महिला आईजी हैं। उनके पति आईपीएस देशराज सिंह हरियाणा पुलिस में होमगार्ड एवं सिविल डिफेंस के कमांडेंट हैं। आईजी ममता सिंह ने बताया कि वे तीन बहनें व दो भाई हैं।
दादा आईपीएस रहे हैं। पिता एनपी सिंह व मां शकुंतला देवी चाहती थीं कि वह आईपीएस बनें, हालांकि उनकी इच्छा डॉक्टर बनने की थी। दादा से प्रेरणा लेकर माता-पिता के सपनों को साकार करने के लिए मेहनत की और 1996 में यूपीएससी की परीक्षा पहले ही प्रयास में पास की।
सबसे पहले फरीदाबाद एएसपी के तौर पर हरियाणा पुलिस में नौकरी ज्वाइन की। इसके बाद वे कई जगह एएसपी रहीं। 2014 में आईजी बनीं। 2018 से 2021 तक मुख्यालय में रहीं। उनके कार्यकाल में ही पुलिस का हेल्पलाइन नंबर 112 का प्लान बना। बाद में वे करनाल रेंज की आईजी बनीं। अब रोहतक रेंज की आईजी की जिम्मेदारी मिली है।
खेलों में भी प्रदेश की महिलाओं का दबदबा
आईजी ने बताया कि हरियाणा देश के अंदर अव्वल राज्यों में से एक है। इतना ही नहीं, यहां की महिलाएं तो हर क्षेत्र में सफलता के झंडे गाड़ रही हैं। कल्पना चावला, मानुषी छिल्लर से लेकर दूसरे क्षेत्र में प्रदेश की बेटियों की कामयाबी को कौन भूल सकता है। खेलों में तो पूरे देश में प्रदेश की महिलाओं का दबदबा है। उसमें भी क्रिकेट, हॉकी, कुश्ती से लेकर पर्वतारोहण तक में प्रदेश कामयाबी हासिल की है। अब हरियाणा वह पहले वाला प्रदेश नहीं रहा, बल्कि बहुत सामाजिक बदलाव आ चुका है।
महिलाएं खुद की शक्ति समझें, लेकिन दुरुपयोग न करें
आईजी ने कहा कि महिलाएं अपना आत्मविश्वास जगाएं। अपना लक्ष्य तय करें और आगे बढ़ें। परिवार, समाज व ड्यूटी में तालमेल बनाएं। खुद को भी समय दें। आज कुछ भी असंभव नहीं है। शासन व प्रशासन ने भी महिलाओं को बहुत अधिकार दिए हैं। हालांकि महिलाएं अपने अधिकारों का दुरुपयोग न करें।