व्यापारियों ने कहा कि रेहड़ी-फड़ी और अतिक्रमण शहर की प्रमुख समस्या बन गए हैं। इनके अलावा पार्किंग की समस्या, टूटी सड़कें और बेसहारा पशुओं की समस्या से भी शहरवासी जूझ रहे हैं। जिला प्रशासन ने त्योहारी सीजन से पहले बुधवार को विकास भवन में व्यापारी संगठनों से बात कर उनके सुझाव सुने। बैठक में मेयर मनमोहन गोयल, डीसी कैप्टन मनोज कुमार, निगम कमिश्नर नरहरि सिंह बांगड़, एसपी राहुल शर्मा और एडीसी महेंद्र पाल मौजूद रहे।
व्यापारी अनिल भाटिया ने कहा कि जिस क्रेन वाले को निगम ने कारें उठाने का ठेका दे रखा है वह अभद्रता करता है। रोहतक ट्रेडर्स एसोसिएशन के प्रधान हेमंत बख्शी ने कहा कि प्रमुख बाजारों में दुकानदारों ने 10-15 फुट अतिक्रमण कर रखा है। निगम की गाड़ी आते ही सामान अंदर और जाते ही फिर बाहर हो जाता है। भिवानी स्टैंड समेत तमाम जगहों पर रेहड़ी-फड़ी वालों का कब्जा है। उन्होंने मांग की कि सभी सीसीटीवी कैमरों की जांच करवाई जाए। प्रमुख बाजारों में सूचना पट्ट लगाए जाएं, मुनादी का प्रबंध हो। सरकारी स्कूल में पार्किंग की जगह पर्याप्त नहीं है, ग्राउंड को समतल किया जाए। भिवानी स्टैंड पर कुछ असामाजिक तत्व खड़े होते हैं वहां ज्वेलरी की दुकानों को खतरा रहता है। जिन इलाकों में ज्वेलर की दुकानें हैं, वहां गश्त बढ़ाई जाए। एक व्यापारी ने कहा कि सफेद पट्टी में रेहड़ी खड़ी होती हैं। भिवानी स्टैंड कभी सबसे सुंदर चौराहा होता था, आज गांव से बदतर है। रेहड़ी-फड़ी की समस्या के हल को कंट्रोल रूम बनाए जाएं। ज्वेलर्स का आर्म्स लाइसेंस जारी किए जाएं। उन्होंने सुझाव दिया कि सभी पार्किंग से शहर में जाने के लिए ई-रिक्शा चलाए जाएं। लोग उससे बाजारों में जाएं और लौटें। उन्होंने एक और सुझाव दिया कि सारे शहर की सड़कों पर गड्ढे हैं। एक ट्रक में मैटीरियल तैयार कर रात को टीम निकले और सभी को भरे। एक सप्ताह में सारा शहर ठीक हो जाएगा। मॉडल टाउन एसोसिएशन के प्रधान अजय धनखड़ ने कहा कि डी-पार्क के चारों तरफ रेहड़ियां लगी हैं। उन्हें हटा कर सफेद लाइन लगवाई जाए। दिवाली पर वहां इतने कब्जे हो जाते हैं कि पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता है। बाहरी लोगों को फड़ी लगाने की इजाजत न दी जाए। एक व्यापारी ने कहा कि मेयर गोयल ने मेनिफेस्टो में कहा था कि सभी एसोसिएशन के साथ नियमित बैठक करेंगे, पर नहीं हुई। डीसी कैप्टन मनोज कुमार ने आते ही किला रोड पर धावा बोला था, पर आगे कुछ नहीं हुआ। एक व्यापारी ने कहा कि वर्ष 2006 में तत्कालीन डीसी ने रेहड़ी वालों को वहीं पर बैठने के लिए कुछ जगह दी थी, जिससे काफी जगह खाली हो गई थी। ऑटो वालों की मनमानी, गलत चलाना और कहीं पर भी रोक देने का मुद्दा भी उठा।
दुकानदारों को मिलें समुचित सुविधाएं : मेयर
मेयर मनमोहन गोयल ने कहा है कि त्योहारी सीजन के दौरान दुकानदारों को समुचित सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। दुकानदारों की समस्याएं जानने के लिउ ही बैठक का आयोजन किया गया था। निश्चित तौर पर बाजारों में अतिक्रमण बड़ी समस्या है। दुकानदार भी इसका समाधान चाहते हैं। लेकिन प्रशासन और व्यापारी मिलकर ही समस्या का हल निकाल सकते हैं।
यहां आकर आप जैसा हो गया : डीसी
डीसी कैप्टन मनोज कुमार ने कहा कि व्यापारी पुलिस और निगम का सहयोग करें। इनके साथ अगर व्यापारियों के प्रतिनिधि भी जुड़ जाएं तो और अच्छा होगा। डीसी बोले कि मैं तो यहां पला और पढ़ा हूं। तब नेकीराम कॉलेज को यूनिवर्सिटी कॉलेज कहते थे। सोचा था कि रोहतक आया हूं तो कुछ वैल्यू एडिशन करूंगा, कुछ बेहतर करके दिखाउंगा, लेकिन लगता है कि मैं, आप जैसा हो गया। उन्होंने कहा कि कोरोना का प्रकोप बढ़ रहा है। गुरुग्राम में एक दिन में 9 मरीज आए हैं। रोहतक में एक सप्ताह में पांच मरीज आए हैं, रेवाड़ी में भी मरीज मिला है। इसलिए एहतियात बरतें, मास्क, सामाजिक दूरी का पालन करें। आप सिर्फ अपनी जिम्मेदारी लें तो भी बहुत कुछ हो जाएगा।
ट्रैफिक से बाहर होंगे 45 साल के कर्मी : एसपी
एसपी राहुल शर्मा ने कहा कि संसाधनों की कमी नहीं है। 45 वर्ष से ज्यादा के कर्मियों को ट्रैफिक से शिफ्ट किया जा रहा है। होमगार्ड विभाग से बात हुई है, उन्होंने सितंबर में शिफ्ट बदल कर 100-150 लोगों को बदल दिया। उनके ओरिएंटेशन का काम चल रहा है। चालान का मकसद सिर्फ शहर में अपराध और बाहरी इलाकों में हादसे रोकना है। निर्देश दिए गए हैं कि अगर कोई 45 साल का व्यक्ति रॉन्ग साइड स्कूटर चलाते हुए मिले तो चालान मत काटना। भिवानी स्टैंड से युवकों को हिरासत में लिया गया तो मार्केट के लोग ही छुड़ाने आ जाते हैं। ऑटो की समस्या है, इनकी वजह से हाल ही में दो मौतें हुई हैं। अगले 15 दिन में इनके कागजात चेक किए जाएंगे। महम में अतिरिक्त फोर्स भेज दी गई है।
दुकानदार ही लगवाते हैं रेहड़ी : बांगड़
निगम कमिश्नर नरहरि सिंह बांगड़ ने कहा कि सारे सुझावों पर अमल हो सकता है। लोगों की भागीदारी बहुत जरूरी है। किला रोड पर डिवाइडर हटवाए तो दुकानदारों का एक गुट खिलाफ में खड़ा हो गया। दुकानदार खुद पैसे लेकर रेहड़ियां लगवाते हैं। उन्होंने कहा कि जितना आपका सहयोग होगा, उतना ही हम बेहतर काम कर पाएंगे। उन्होंने माना कि गाड़ियां उठाने वाले की शिकायत आई है, उसे चेतावनी दी गई है।