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तीसरी लहर की चिंता छोड़ वैक्सीन की दोनों डोज लगवाएं

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कोरोना की सशंकित तीसरी लहर को लेकर अलर्ट पीजीआईएमएस में कम्युनिटी मेडिसिन एक्सपर्ट का कहना है कि जिले में 400 के करीब सरकारी व निजी स्कूल खुल गए हैं। लेकिन 18 प्लस सभी शिक्षकों व स्टाफ का टीकाकरण नहीं हुआ है। जबकि संक्रमण फैलने से पहले सभी को दोनों टीके की डोज लग जानी चाहिए। इनके टीकाकरण पूरा होने के बाद ही हम बच्चों को सुरक्षित मान सकते हैं। कोरोना की कोवैक्सीन रिसर्च टीम में शामिल प्रोफेसर डॉ. रमेश वर्मा ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में बताया कि कोरोना की पहली दो लहर में भी हम बच्चों पर इसका प्रभाव देख चुके हैं। तीसरी लहर कब आएगी, इसकी जानकारी जुटाने की बजाय सभी को अपने टीके की दोनों डोज समय पर लगवानी चाहिए। अभी चिंता का विषय है कि 70 से 80 प्रतिशत लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज नहीं लगी हैं। जिनको दोनों डोज लग चुकी हैं उनमें संक्रमण से 70 से 90 प्रतिशत सुरक्षा मानी जाती है। अब तक की रिसर्च में सामने आया है कि तीसरी लहर पहली दो की तुलना में कम होगी, लेकिन बच्चों की सुरक्षा को हम ढिलाई नहीं कर सकते। वायरस का जो भी वैरिएंट आए हमें टीका ही सुरक्षा दिलाएगा।
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स्कूलों में मास्क, सैनिटाइजर व पर्याप्त दूरी हो
एक्सपर्ट डॉ. रमेश वर्मा ने बताया कि प्रशासन को स्कूलों पर नजर बनाकर रखनी चाहिए, क्योंकि कई स्कूलों में न तो मास्क का प्रयोग हो रहा है और न ही सैनिटाइजर का। सोशल डिस्टेंसिंग का तो कहीं भी ध्यान नहीं रखा जा रहा है। ऐसे में यदि संक्रमण फैलता है तो समस्या होना तय है। हमें कोरोना को लेकर जारी गाइडलाइन को मानना होगा।
अमेरिका से न करें तुलना, जागरूक हों
डॉ. रमेश वर्मा ने बताया कि अक्सर लोग पूछते हैं कि अमेरिका में कोरोना का संक्रमण फैलना शुरू हो गया है, इसका असर देश में भी पडे़गा। जबकि सामने आया है कि वहां भी कई लोग टीकाकरण नहीं करवा रहे हैं और न ही जारी गाइडलाइन को मान रहे हैं। यही स्थिति हमारे देश में भी है, ऐसे में हम कोरोना पर कैसे विजय पा सकते हैं।
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600 स्कूलों में पढ़ रहे एक लाख 70 हजार बच्चों के स्वास्थ्य पर सवाल
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि जिले में सरकारी व निजी स्कूलों की संख्या लगभग 600 है। यहां एक लाख 70 हजार के करीब बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। ऐसे में सुरक्षा मानकों के अभाव में इन बच्चों पर कोरोना संक्रमण का खतरा मंडरा रहा है।
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