झज्जर। सिविल अस्पताल में शुक्रवार दोपहर को उस समय हंगामा हो गया, जब ओपीडी में मरीजों की जांच कर रहे हड्डी रोग विशेषज्ञ को एक महिला ने थप्पड़ जड़ दिया। महिला ने आरोप लगाए कि डॉक्टर उसे बार-बार फोन करके तंग कर रहा है जबकि डॉक्टर का कहना था कि पहले महिला ने उसे फोन किए। उसके जवाब में उसने फोन किया, लेकिन महिला ने उठाया ही नहीं। इसके बाद महिला हंगामा कर वहां से चली गई। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। डॉक्टर ने महिला के खिलाफ शहर थाना में शिकायत दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार सिविल अस्पताल में कार्यरत हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. विकास अहलावत शुक्रवार को 17 नंबर कमरे में ओपीडी कर रहे थे। इस दौरान एक महिला ओपीडी में घुस गई और डॉक्टर पर बार-बार फोन कर छेड़छाड़ के करने के आरोप लगाए। आरोप है कि महिला ने डॉक्टर के मुंह पर थप्पड़ भी जड़ दिया। जब तब मामला संभलता, महिला वहां से चली गई। घटना के बाद वहां भीड़ एकत्रित हो गई। इसकी सूचना सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नरेश दहिया व डायल 112 पर दी गई। सूचना पाकर डॉ. नरेश दहिया भी मौके पर पहुंच और पुलिस भी आ गई। पुलिस ने स्थिति का जायजा लिया। एमएस डॉ. नरेश दहिया ने भी डॉक्टर से बातचीत की। डॉ. विकास अहलावत ने बताया कि वह ओपीडी कर रहे थे। इस दौरान एक महिला आई और उसके साथ बहस करते हुए उसे थप्पड़ मारकर चली गई। डॉक्टर विकास ने आरोप लगाया कि यह पूरा वाक्या साजिश के तहत किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉक्टर परमेंद्र फौगाट ने साजिश के तहत यह काम कराया है। उसने बताया कि घटना से पहले उसके पास डॉ. परमेंद्र फौगाट का फोन आया था और महिला के बारे में कह रहे थे। इतनी देर में महिला आ गई और उसके साथ मारपीट की।
कई देर तक बंद रही ओपीडी
मामले के बाद काफी देर तक हड्डी रोग की ओपीडी प्रभावित रही। इस कारण मरीजों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। यहां बता दे कि दोनों ही डॉक्टर एक ही कमरे में ओपीडी करते हैं।
सीसीटीवी खंगालेगी पुलिस
बताया जा रहा है कि पूरा मामला सीसीटीवी में भी कैद हुआ है। पुलिस व सिविल अस्पताल प्रशासन की तरफ से इस मामले में अस्पताल में लगे सीसीटीवी की फुटेज भी खंगाली जाएगी ताकि असलियत का पता लगाया जा सके।
मेरा मामले से कोई लेना-देना नहीं : डॉ. फौगाट
डॉ. विकास अहलावत के साथ मारपीट मामले में उनका कोई लेना-देना नहीं है। महिला रूटीन में उनके पास आई थी और डॉ. विकास द्वारा बार-बार फोन करने व मैसेज करने की शिकायत की थी। वह काफी गुस्से में थे। उसे समझाया गया था कि डॉ. विकास ऐसा नहीं कर सकते। उन्होंने अपने सहायक को डॉ. विकास को फोन करने के लिए भी बोला। इतनी देर में महिला ने यह काम कर दिया। उन पर जो आरोप डॉ. विकास ने लगाए हैं, वह पूरी तरह से निराधार है। वह खुद कह सकते हैं डॉ. विकास महिला के साथ ऐसा कुछ नहीं कर सकते।
वर्जन
डॉ. विकास को महिला द्वारा थप्पड़ मारने का मामला संज्ञान में आया है। सूचना पुलिस को दी गई है। पुलिस अपनी जांच कर रही है। जरूरत पड़ी तो सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को दी जाएगी। जहां तक दूसरे डॉक्टर पर आरोप लगाने का सवाल है तो यह पुलिस जांच का विषय है। संस्थान परिसर में ऐसी घटना निंदनीय है।
डॉ. नरेश दहिया, चिकित्सा अधीक्षक, सिविल अस्पताल, झज्जर
वर्जन
चिकित्सक द्वारा लिखित शिकायत दी गई है। इस मामले की जांच की जा रही है। महिला द्वारा थप्पड़ मारना गलत है। शिकायत के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
सदानंद, शहर थाना प्रभारी, झज्जर