हरियाणा के रेवाड़ी शहर की निवासी सिमरन भारद्वाज ने प्रथम प्रयास में यूपीएससी की परीक्षा 172वां स्थान लेकर उत्तीर्ण की है। उनकी इस उपलब्धि पर भारद्वाज परिवार को लगातार फोन पर बधाई मिल रही हैं। इनके पिता एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मनोज भारद्वाज हैं जो इस वक्त मध्य प्रदेश में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
22 वर्षीय सिमरन ने लगातार 20-20 घंटे पढ़कर इस परीक्षा की तैयारी की है। उन्होंने प्रथम प्रयास में यह परीक्षा उत्तीर्ण की है। उनकी मां लक्ष्मी देवी गृहणी है। उनके आदर्श उनके पिता मनोज भारद्वाज और ताऊ इंस्पेक्टर अनिल भारद्वाज हरियाणा पुलिस रहे। इनके स्वर्गीय दादा चाहते थे कि वह पुलिस में जाए और नए समाज की स्थापना में अपनी अहम भूमिका निभाए।
सिमरन के अनुुसार सफलता बहुत मेहनत मांगती है और इसके लिए युवाओं को हर कदम पर चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। यूपीएससी में चयन होने पर उन्होंने कहा कि इस पद पर वे समाज के लिए कुछ नया करना चाहेंगी ताकि अपने माता - पिता और पूर्वजों के पदचिह्नों का अनुसरण कर सके।
उनके चाचा एडवोकेट यशवंत भारद्वाज ने बताया कि बेटी सिमरन पढ़ाई में शुरू से ही मेधावी रही है और इससे पहले उन्होंने सेना में भी आफिसर स्तर की परीक्षा भी उत्तीर्ण की थी। उन्होंने कहा कि यह बेटी देश प्रदेश और जिले में अन्य बालिकाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बनेंगी।