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Rohtak News: एसडीएम बोले- तबादला होने के कारण जांच पूरी नहीं कर सका

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जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान फरवरी 2016 में पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी जलाने के केस में शुक्रवार को पंचकूला स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में सुनवाई हुई।
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अदालत में महम एसडीएम दलबीर सिंह, इंस्पेक्टर बलराज व एसआई जरनैल सिंह के बयान दर्ज हुए।
एसडीएम मजिस्ट्रेट के तौर पर हिंसा के दौरान हुई मदीना के युवक राहुल की मौत की जांच कर रहे थे। अब मामले में अगली सुनवाई 16 व 17 जनवरी को लगातार दो दिन तक होगी। केस में 135 गवाह हैं, जिनमें से 86 की गवाही हो चुकी है।
सीबीआई ने रोहित की शिकायत पर 118 नंबर एफआईआर दर्ज की थी। आरोप है कि फरवरी 2016 में दोपहर करीब साढ़े तीन बजे भीड़ लाठी, तलवार और पेट्रोल बम से लैस होकर दिल्ली बाईपास की तरफ से कैप्टन अभिमन्यु की कोठी की ओर आई और जबरन घर में घुस गई।
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घर के अंदर खड़े वाहनों को आग लगा दी। घर में आग लगाकर सारा सामान लूट लिया। घर में मौजूद लोगों को मारने के इरादे से पेट्रोल बम फेंके। इससे कोठी में करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ था। इस मामले की पहले जांच पुलिस कर रही थी, बाद में केस को सीबीआई को सौंप दिया गया। बचाव पक्ष के वकील जितेंद्र हुड्डा ने बताया कि केस में 58 आरोपी हैं, जिसमें जाट नेता अशोक बल्हारा, राहुल दादू, मनोज दूहन, जगपाल उर्फ जग्गा, धर्मेंद्र हुड्डा सहित अन्य आरोपी भी नामजद हैं।
इनमें खिड़वाली गांव निवासी धर्मेंद्र हुड्डा अदालत से पीओ घोषित हो चुका है। बचाव पक्ष के वकील ने बताया कि हिंसा के दौरान आईजी आवास के पास फायरिंग में मदीना के युवक राहुल दांगी की मौत हो गई थी। डीसी ने इसकी जांच एसडीएम दलबीर सिंह को सौंपी थी।
इसके चलते शुक्रवार को एसडीएम को गवाही के लिए बुलाया गया। एसडीएम ने कहा कि जांच पूरी होने से पहले ही उनका तबादला हो गया। आगे की जांच नए एसडीएम मुनीष नागपाल ने की थी। बकौल वकील, इंस्पेक्टर बलराज व एएसआई जरनैल सिंह ने पुलिस कार्रवाई का ब्योरा दिया। अदालत को बताया कि कितने लोगों को केस में गिरफ्तार किया गया।

-फोटो 58 : कार्यक्रम का शुभारंभ करते मुख्यातिथि डॉ. राजेश कुमार व साथ मौजूद प्राचार्य। स्रोत कॉ

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