फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हेपेटाइटिस की जांच के लिए 5 मिनट निकालकर सुरक्षित करें अपना जीवन

विज्ञापन
विज्ञापन
रोहतक। जानलेवा बीमारी हेपेटाइटिस-बी से बचा जा सकता है। इसके महज पांच मिनट का समय निकालने की जरूरत है। पीजीआई में इस बीमारी की पहचान के लिए जरूरी उपकरण भी उपलब्ध हैं। यहां बगैर किसी तरह की देरी के नि:शुल्क जांच की जा रही है। उक्त बातें स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय कार्यवाहक कुलपति डॉ. रोहताश यादव ने कहीं हैं।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि प्रदेश में हेपेटाइटिस-बी यानी काला पीलिया गंभीर विषय है। लापरवाही व अज्ञानता के चलते यह रोग लोगों में घर कर रहा है। अनजाने में संक्रमण का शिकार बन रहे लोग दूसरों को भी बीमार बनाने का खतरा पैदा कर रहे हैं। सरकार ने पीजीआई में इस बीमारी की पहचान के लिए नि:शुल्क जांच की व्यवस्था की हुई है। संस्थान के गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग में बगैर किसी देरी के यह जांच की जा रही है। पीजीआई के माडर्न ट्रीटमेंट सेंटर में फिलहाल संस्थान में हेपेटाइटिस-बी के करीब 5500 केस हैं। इनका इलाज किया जा रहा है।
फाइब्रो स्कैन से पता करें लीवर पर कितना दबाव
हेपेटाइटिस-बी की चपेट में आए मरीज के लीवर पर दबाव पड़ता है। इससे मरीज की मुश्किलें बढ़ जाती हैं। यह दबाव कितना है, यह केवल एक मिनट में पता किया जा सकता है। पीजीआई के गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग में इसके लिए फाइब्रो मशीन उपलब्ध है। यह मशीन मरीज की जांच कर तुरंत रिपोर्ट जारी कर देती है। साथ ही किट जांच से मरीज में संक्रमण का भी पता किया जा सकता है। इन दोनों जांच में करीब पांच मिनट का समय लगता है।
विज्ञापन

कोट
पीजीआई में हेपेटाइटिस के मरीजों का इलाज किया जा रहा है। मरीजों को निशुल्क जांच की सुविधा दी जा रही है। लीवर पर दबाव की जांच के लिए फाइब्रो स्कैन की सुविधा है। इस पर वेटिंग नहीं है। मरीज के आते ही जांच की जा रही है। अच्छी सेहत के लिए थोड़ा समय निकाल कर अपनी जांच जरूर कराएं।
विज्ञापन

-डॉ. रोहताश यादव, कार्यवाहक कुलपति, स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें