किर्गिस्तान के बिश्केक में बिरोहड़ गांव के पहलवान सचिन सहरावत ने ग्रीको-रोमन श्रेणी में 67 किलो भार वर्ग में कांस्य पदक जीता है। बुधवार देर रात आयोजित सीनियर एशियन कुश्ती चैंपियनशिप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए सचिन ने एशियाई स्तर पर खुद को साबित कर दिखाया है।
सचिन ग्रीको रोमन में सेना की टीम में खेलने वाले पहलवान हैं। बुधवार को सचिन ने भारत के लिए पदक का खाता खोला। उन्होंने दूसरे दौर में 3-5 से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए उज्बेकिस्तान के अब्दुमलिक अमीनव को 67 किलोग्राम ग्रीको-रोमन कांस्य पदक मुकाबले में 6-5 से हराया।
सचिन ने कांस्य पदक के प्ले-ऑफ में जगह बनाने के लिए रिपेचेज राउंड में चीन के जी लेंग को हराया था। उन्होंने अंतिम मिनट में एक टेक डाउन के साथ दो अंक हासिल किए और उज्बेक पहलवान को एक अंक दिलाया जिससे उज्बेक पहलवान अपनी चुनौती हार गया।
विकेटकीपर-बल्लेबाज बनना चाहते थे सचिन
सचिन सहरावत का पिछले साल भी एशियाई चैंपियनशिप में चयन हुआ था। वे वर्तमान में वे नेवी में कार्यरत हैं। परिजनों ने बताया कि सचिन सहरावत एमएस धोनी के बहुत बड़े प्रशंसक रहे हैं और उनकी तरह एक सफल विकेटकीपर-बल्लेबाज बनना चाहते थे। सपने को पूरा करने के लिए फरीदकोट (पंजाब) की एक क्रिकेट अकादमी में दाखिला भी लिया। हालांकि पिता बिरेंद्र सिंह चाहते थे कि बेटा किसी व्यक्तिगत खेल को अपनाए। पिता की प्ररेणा से ही सचिन ने कुश्ती में कदम बढ़ाया।