रोहतक के विजय नगर हत्याकांड का मामला फिर से गरमा गया है। बचाव पक्ष के वकील ने जांच पर सवाल खड़े किए हैं और साथ ही गृहमंत्री अनिल विज से केस की जांच करवाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस केस में पुलिस की भूमिका संदिग्ध लग रही है।
रोहतक के विजय नगर हत्याकांड को लेकर बचाव पक्ष ने पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अदालत के 30 पेज के फैसले की कॉपी गृहमंत्री अनिल विज को भेजकर जांच अधिकारियों की भूमिका की जांच करने की मांग की है।
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मंगलवार को मीडिया से बातचीत करते हुए बचाव पक्ष के वकील शिवराज मलिक ने कहा कि 27 सितंबर 2021 को प्रॉपर्टी डीलर प्रदीप उर्फ बबलू पहलवान, उसकी पत्नी, बेटी व सास को गोली मारी गई। तीन ने जहां मौके पर दम तोड़ दिया, जबकि बेटी की पीजीआई में मौत हुई। पुलिस ने प्रॉपर्टी डीलर के बेटे अभिषेक उर्फ मोनू को ही गिरफ्तार कर लिया। कहा कि, अभिषेक अपने पिता से 5 लाख रुपये मांग रहा था। न देने पर उसने परिवार के चारों सदस्यों को गोली मारी। तभी से आरोपी जेल में हैं।
वकील ने सवाल किया चौहरे हत्याकांड के 45 दिन बाद अभिषेक के नाना केस दर्ज करवाते हैं कि घर से 25 लाख के जेवरात चोरी हुए हैं। पुलिस ने आरोपियों को काबू कर लेती है, लेकिन बाद में छोड़ देती है। कहती है कि दोनों पक्षों में समझौता हो गया। शिकायतकर्ता कहता है कि चोरी नहीं हुई। जबकि पहले खुद चोरी का केस दर्ज करवाता है। इतना ही नहीं, एक जांच अधिकारी कहता है कि प्रॉपटी को मृतक बबलू पहलवान की मां के हवाले कर दिया था। जबकि दूसरा अधिकारी कहता है कि वारदात के बाद घर से कोई प्रॉपर्टी बरामद नहीं हुई। ऐसे में पूरी जांच सवालों के घेरे में है। गृहमंत्री मामले की गहराई से जांच करवाएं। जरूरत पड़ी तो वे हाईकोर्ट में जाकर नए सिरे से जांच की मांग करेंगे।
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अदालत का आया है 30 पेज का फैसला, कोर्ट ने पुलिस जांच पर उठाया सवाल, डीजीपी को भेजी कॉपी
बचाव पक्ष के वकील शिवराज मलिक ने बताया कि एएसजे डाक्टर गगनगीत कौर ने बचाव पक्ष के वकील की याचिका पर 30 पेज का फैसला दिया है। फैसले में पुलिस जांच पर सवाल उठाए हैं। साथ ही आगे की कार्रवाई के लिए फैसले की कॉपी डीजीपी को भी भेजी है।