प्रदेश में कोरोना को लेकर 36687 अध्ययन विषयों के सैंपल की जांच की गई। इसमें सीरो सर्वे में 76.3 प्रतिशत लोगों में एंटीबॉडी मिली। कुरुक्षेत्र में सबसे अधिक 85.0 प्रतिशत और उसके बाद रोहतक में 84.6 प्रतिशत एंटीबॉडी मिली। पहली बार सीरो-सर्वे में 6 से 17 वर्ष की आयु के बच्चों का भी नामांकन किया गया।
पीजीआईएमएस के डॉ. विनोद चायल ने बताया कि प्रदेश में 6 से 9 वर्ष की आयु के बच्चों में सीरो सर्वे में एंटीबॉडी 69.8 प्रतिशत थी और 10 से 17 वर्ष की आयु के किशोरों में 73.2 प्रतिशत थी। रोहतक में 6 से 9 वर्ष की आयु के बच्चों में 79.5 प्रतिशत थी और 10 से 17 वर्ष की आयु के किशोरों में यह 78.9 प्रतिशत बताई गई थी। टीकाकरण के महत्व को पूरी तरह से टीकाकरण वाले व्यक्तियों (84 प्रतिशत) में सीरो सर्वे द्वारा एंटीबॉडी लेवल नोट किया गया था, जो गैर-टीकाकरण (पहले से ही कोविड-19 से संक्रमित) व्यक्तियों (74 प्रतिशत) की तुलना में बहुत अधिक था।
प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने हरियाणा के 22 जिलों में कोरोना को लेकर करवाए सीरो-सर्वेक्षण राउंड थ्री के दौरान सराहनीय कार्य करने पर पीजीआईएमएस के कम्यूनिटी मेडिसन विभाग के डॉ. विनोद चायल व उनकी टीम को प्रशंसा पत्र भेजा है।
पीजीआईएमएस निदेशक डॉ. गीता गठवाला ने डॉ. विनोद चायल, डॉ. ध्रुव चौधरी व उनकी टीम को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने अच्छा कार्य करके पूरे प्रदेश में संस्थान का नाम रोशन किया है। हमें हमेशा अपना कार्य पूरी मेहनत और लगन के साथ करना चाहिए तभी हम संस्थान को शिखर तक लेकर जा सकते हैं। प्रोफेसर डॉ. रमेश वर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री के नेतृत्व में सितंबर 2021 के महीने में हरियाणा के सभी 22 जिलों में सीरो-सर्वेक्षण राउंड थ्री आयोजित किया गया था। इसमें राजीव अरोड़ा एसीएस स्वास्थ्य विभाग हरियाणा सरकार, डॉ. वीना सिंह डीजीएचएस हरियाणा, डॉ. ध्रुव चौधरी राज्य नोडल अधिकारी कोविड-19, आईडीएसपी निदेशक डॉ. उषा गुप्ता के सहयोग से यह कार्य पूर्ण रूप से संपन हो पाया। डॉ. विनोद चायल ने कहा कि वे तकनीकी टीम के प्रभारी थे, जिन्हें इस सीरो-सर्वेक्षण की योजना, निगरानी और डेटा विश्लेषण की जिम्मेदारी दी गई थी। इस अवसर पर डॉ. रमेश वर्मा, डॉ. मीनाक्षी कलहन, डॉ. प्रियंका चौधरी, डॉ. अमन सचदेवा, डॉ. जितेश सतीजा और डॉ. गरिमा यादव भी उपस्थित रहे। ब्यूरो