पीजीआईएमएस एक बार फिर विवादों में है। इस बार ऑर्थो विभाग के एक चिकित्सक पर उपचार में लापरवाही और ऑपरेशन के लिए पैसे मांगने का आरोप लगा है। सूत्रों का कहना है कि शिकायत करने वाले ने स्वास्थ्य मंत्री को शपथ पत्र देकर आरोप लगाया है और जांच की मांग की है। शिकायतकर्ता ने मंत्री को डाक्टर से हुई बातचीत का ऑडियो भी दिया है। स्वास्थ्य मंत्री ने पीजीआईएमएस प्रशासन को जांच करने के निर्देश दिए हैं। मंत्री के आदेश के बाद स्थानीय स्तर पर कमेटी बनाकर जांच शुरू कर दी गई है।
कुछ दिन पहले किसी व्यक्ति ने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री समेत संबंधित अधिकारियों को शपथपत्र देकर मामले की शिकायत की थी। शिकायत में ऑर्थो विभाग के एक चिकित्सक पर आरोप लगाए हैं कि उसने मरीज का उपचार नहीं किया और ऑपरेशन के नाम पर रुपये मांगे। सूत्रों की मानें तो पीड़ित ने इस संबंध में चिकित्सक के साथ हुई बातचीत का ऑडियो वायरल कर दिया है। आरोप है कि स्थानीय स्तर पर भी शिकायत की गई थी, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद पीड़ित ने आला अधिकारियों समेत स्वास्थ्य मंत्री को शपथपत्र देकर शिकायत की। स्वास्थ्य मंत्री ने मामले को गंभीरता से लिया, जिसके बाद पीजीआईएमएस के अधिकारियों को निर्देश दिए कि इसकी जांच करके कार्रवाई की जाए। स्वास्थ्य मंत्री तक मामला पहुंचने के बाद स्थानीय स्तर पर जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है।
पहले भी विवादों में रहा पीजीआईएमएस
उपचार में लापरवाही और रुपये मांगने का संस्थान में यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी संस्थान के चिकित्सकों और कर्मचारियों पर इस तरह के आरोप लग चुके हैं। कभी किसी मामले में कार्रवाई कर दी जाती है तो कभी मामले को दबा दिया जाता है।
एक चिकित्सक पर उपचार में लापरवाही और ऑपरेशन के नाम पर पैसे मांगने का मामला सामने आया है। जानकारी होते ही मामले की जांच के लिए एक कमेटी बना दी गई है। आरोप सही है या गलत, यह तो जांच के बाद ही पता चल पाएगा।
- डॉ. राकेश गुप्ता, डायरेक्टर पीजीआईएमएस