रोहतक के कारोर गांव में 2001 से चल रही खूनी रंजिश में 19 लोगों की हत्या हो चुकी है। दिवाली के दिन हुई 27 वर्षीय मोहित की हत्या पांच साल पहले वर्ष 2018 में हुई आनंदपाल हत्याकांड का बदला माना जा रहा है। वारदात से फिर गांव में पांच साल से शांत गैंगवार फिर शुरू होने का अंदेशा जताया जाने लगा है।
छिप्पी गैंग का आनंदपाल हत्याकांड
पुलिस रिकाॅर्ड के मुताबिक 2018 में आनंदपाल हत्याकांड की साजिश जेल में बंद छिप्पी गैंग के सरगना अनिल छिप्पी ने रची थी। इसमें प्रदेश के कुख्यात बदमाश संदीप उर्फ काला जठेड़ी, राजू बसौदी, संपत नेहरा, सोमबीर, अक्षय पलड़ा, पवन नाहरा, प्रदीप उर्फ पोपी, राजू बसोदी, जयप्रकाश, जय भगवान, बलजीत, विकास उर्फ भांदू, अंकित व मोहित, प्रदीप, कुकी, सन्दीप, विकाश उर्फ भग्गा, राजकुमार उर्फ आरके, रोहित उर्फ रोकी को नामजद किया गया था। जबकि मोहित का नाम पुलिस जांच में बाद में आया था।
2001 में चल रही रंजिश, प्रदेश के कई कुख्यात बदमाश रहे हैं रंजिश में नामजद
ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2001 में श्रीभगवान गांव के सरपंच था। उसके भाई सेवक राम की दिल्ली में खोया की दुकान थी। आरोप है कि दुकान पर हुई कहासुनी के बाद श्रीभगवान और रामे के बीच नोकझोंक हो गई थी। श्रीभगवान ने रामे को थप्पड़ मार दिया था। इसी रंजिश में सबसे पहले वर्ष 2001 में सेवकराम की खरावड़ रेलवे स्टेशन पर गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद दूसरे पक्ष के रामे की हत्या की गई।
इसके बाद पहले पक्ष के श्रीभगवान, फूल कुमार, मिंटू, दिलबाग, रणवीर समेत नौ की हत्या हुई। जबकि छिप्पी गुट से रामे और रमेश समेत छह की हत्या की गई। 2018 में आनंदपाल की हत्या की दी गई। अब गांव के युवक मोहित की हत्या की दी गई, इसमें छाजू गुट का नाम सामने आ रहा है। पुलिस गांव में चौकी तक खोल चुकी है। हालांकि बाद में उसे बंद कर दिया था। अब दोबारा चौकी खोलने की मांग की जा रही है।