हरियाणा के रोहतक शहर के गांधी कैंप से 11 से 14 साल की उम्र के तीन किशोर ट्रेन में सवार होकर हरिद्वार पहुंच गए। पूछने पर बोले, पार्टी करने आए हैं। हरिद्वार में एक युवक ने स्कूल ड्रेस में देखकर रात ढाई बजे परिजनों को फोन किया। तब जाकर पुलिस व परिजनों ने राहत की सांस ली। अब तीनों किशोर वापस आ गए हैं।
गांधी कैंप निवासी ब्रजेश की पत्नी ने बताया कि वह मूलरूप से यूपी के बस्ती जिले के गांव सौरहा के रहने वाले हैं। फिलहाल परिवार सहित गांधी कैंप में किराये पर रहता है। उनके दो बेटे हैं। एक की उम्र 12 तो दूसरे की 11 साल है, जो सातवीं व छठी कक्षा में पढ़ते हैं। शुक्रवार सुबह दोनों स्कूल के लिए निकले थे, लेकिन पुस्तक घर पर ही छोड़कर बैग में कपड़े डालकर ले गए।
पता किया तो स्कूल शिक्षक ने बताया कि दोनों स्कूल नहीं आए। थोड़ी देर बाद घर पर एक महिला आई, जिसने बताया कि उसका 14 साल का बेटा भी स्कूल नहीं आया है। वह घर से 4 हजार की नकदी व कपड़े लेकर गया है। तीनों एक साथ गए हैं।
ट्रेन में बैठकर रुड़की होते हुए हरिद्वार पहुंचे
देर रात तक परिजन तीनों को तलाश कर थक गए। दो भाइयों की मां ने बताया कि रात करीब ढाई बजे 14 साल के किशोर के पिता के पास एक युवक का फोन आया। बोला- आपका बेटा स्कूल ड्रेस में हरिद्वार आया है, साथ में दो और बच्चे हैं। बड़े बेटे ने दो भाइयों की मां को कॉल की। फोन पर बात करने पर दोनों परिवारों ने राहत की सांस ली।
पार्टी करने की कहकर ले गया किशोर
परिजनों के मुताबिक, तीनों किशोर वापस आ गए हैं। पूछताछ में दो भाइयों ने कहा कि 14 साल के किशोर ने कहा था कि हरिद्वार चलते हैं। वहां पर पार्टी करेंगे। पहले रोहतक से ट्रेन में बैठकर रुड़की पहुंचे। वहां से दूसरी ट्रेन बदलकर रात ढाई बजे हरिद्वार पहुंचे। वहां एक युवक ने सख्ती से पूछा। पुलिस के हवाले करने की धमकी दी तो किशोर ने अपने पिता का मोबाइल नंबर दे दिया। जब जाकर पता चला कि तीनों किशोर हरिद्वार गए हैं।