अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ बैठक करते नगर निगम आयुक्त।
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बकाया संपत्तिकर की वसूली को लेकर नगर निगम प्रशासन सख्त हो गया है। निगम आयुक्त ने लंबे समय के बकायेदारों को नोटिस देकर सीलिंग के आदेश दिए हैं। सीलिंग के बाद भी संपत्तिकर जमा नहीं करने पर चल-अचल संपत्ति बेचकर अथवा न्यायिक प्रक्रिया से वसूल किया जाए।
वीरवार को अधीनस्थों के साथ बैठक करके निगम आयुक्त डॉ. नरहरि बांगड़ ने क्षेत्रीय कराधान अधिकारी से कहा कि लोगों को संपत्तिकर जमा कराने के लिए प्रेरित करें। लोगों को बताया जाए कि चालू वित्तवर्ष का संपत्तिकर जमा कराने पर 10 फीसदी के अलावा 25 फीसदी अतिरिक्त छूट दी जा रही है। लंबे समय के बकायेदारों को चिह्नित कर नोटिस दिए जाएं। नोटिस के बावजूद संपत्तिकर जमा नहीं कराने पर सिलिंग की कार्रवाई अमल में लाई जाए। इसके बाद भी संपत्तिकर जमा नहीं होने पर अदायगी की वसूली संपत्ति जब्त करके अथवा चल-अचल संपत्ति को बेचकर, प्रॉपर्टी को अटैच करके बकायेदार के वाहन कार, बाइक आदि बेचकर या न्यायिक प्रक्रिया से वसूली की जाए। जिन प्रॉपर्टी धारकों को नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है, वे निगम की वेबसाइट से निकलवा सकते हैं। निगम कार्यालय के नागरिक सुविधा केंद्र से प्राप्त कर सकते हैं। यदि किसी का संपत्ति बिल गलत है, तो वास्तविक दस्तावेज काउंटर नंबर 10 पर जमा करवाकर ठीक करवा सकते हैं। क्षेत्रीय कराधान अधिकारी ने बताया कि संपत्तिकर जमा नहीं करवाने वालों को चिह्नित करके नोटिस दिया जा चुका है। अपील भी की जा चुकी हैं।