सुनारिया जेल में बंद गुरमीत राम रहीम 63 दिन में पांच बार बाहर आ चुका है। दिल्ली एम्स में ले जाने से पहले गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में उपचार कराने के दौरान भी सुरक्षा की जिम्मेदारी डीएसपी महम को दी गई थी। अब एम्स से लौटते समय राम रहीम से दो महिलाओं की कथित मुलाकात की सरकार जांच करवा रही है। अगस्त 2017 में राम रहीम को पंचकूला स्थित सीबीआई की विशेेष अदालत ने साध्वी यौन शोषण मामले में 20 साल की सजा सुनाई थी। सजा सुनाने के बाद पंचकूला में हिंसा हो गई। ऐसे में राम रहीम को रोहतक की सुनारिया जेल में लाया गया था। तभी से राम रहीम जेल में बंद हैं। चार साल की सजा के दौरान राम रहीम को कई बार स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हो चुकी है। आलम यह है कि 12 मई से 13 जुलाई तक उसे पांच बार जेल से बाहर लाया गया।
कब कहां ले जाया गया राम रहीम को
12 मई : राम रहीम ने ब्लड प्रेशर व बेचैनी की शिकायत की। इसके चलते उसे पीजीआई में जांच के लिए लाया गया।
17 मई : राम रहीम को मां से मिलने के लिए एक दिन की पैरोल दी गई। पुलिस सुरक्षा में उसे गुरुग्राम ले जाया गया।
3 जून : राम रहीम ने पेट में दर्द की शिकायत की, इसके चलते पीजीआई में लाया गया।
8 जून : राम रहीम को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल ले जाया गया। तर्क दिया गया कि राम रहीम के स्वास्थ्य संबंधी टेस्ट पीजीआई रोहतक में नहीं हो सके थे। ऐसे में उसे गुरुग्राम ले जाना पड़ा।
13 जुलाई : राम रहीम को जांच के लिए एम्स ले जाया गया। वापस आते समय रास्ते में राम रहीम से दो महिलाओं से की कथित मुलाकात की जांच की जा रही है।