गोहाना। शिक्षा और खेलों के क्षेत्र में लगातार नई पहचान बना रहा गढ़ी उजाले खां गांव अब बॉक्सिंग की प्रतिभाओं के लिए भी जाना जाने लगा है। गांव की बॉक्सिंग अकादमी से प्रशिक्षण प्राप्त कर कई खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत चुके हैं। कई युवाओं का चयन भारतीय सेना में भी हुआ है। गांव के खिलाड़ी अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर क्षेत्र, प्रदेश और देश का नाम रोशन कर रहे हैं।
गांव में संचालित बॉक्सिंग अकादमी के संचालक एवं प्रशिक्षक विकास सैनी ने बताया कि अकादमी में करीब 100 खिलाड़ी विभिन्न खेलों में प्रशिक्षण ले रहे हैं। इनमें से बड़ी संख्या बॉक्सिंग खिलाड़ियों की है। यहां से निकले कई खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुके हैं।
लगातार मिल रही सफलताओं से गांव के बच्चों में खेलों के प्रति उत्साह बढ़ा है। अभिभावक भी अपने बच्चों को खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। खिलाड़ियों की उपलब्धियों ने गांव को खेल मानचित्र पर नई पहचान दिलाई है।
एशियाई स्तर पर बजा गांव का डंका
गांव के प्रतिभाशाली खिलाड़ी नितिन ने सब जूनियर एशियाई बॉक्सिंग प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। इस उपलब्धि के आधार पर उनका चयन भारतीय सेना की मद्रास इंजीनियरिंग ग्रुप (एमईजी) में हुआ। वर्तमान में वह सेना की ओर से विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले रहे हैं। वहीं चिराग ने सब जूनियर राष्ट्रीय बॉक्सिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर एमईजी में स्थान हासिल किया। इसके अलावा हिमांशु ने जूनियर राष्ट्रीय बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर गांव का गौरव बढ़ाया।
बेटियां भी नहीं किसी से कम
गढ़ी उजाले खां की बेटियां भी बॉक्सिंग रिंग में शानदार प्रदर्शन कर रही हैं। रिया ने जूनियर राष्ट्रीय बॉक्सिंग चैंपियनशिप में रजत पदक जीता। साक्षी ने जूनियर राष्ट्रीय प्रतियोगिता में कांस्य पदक अपने नाम किया। नीरज की पुत्री अक्षिता ने सब जूनियर हरियाणा राज्य बॉक्सिंग चैंपियनशिप में रजत पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
गढ़ी उजाले खां में मैं बॉक्सिंग अकादमी संचालित करता हूं। यहां के बच्चे बॉक्सिंग में बेहद प्रतिभाशाली हैं। अकादमी के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए कई पदक जीते हैं। मेरा मानना है कि गांव के युवाओं में खेलों के प्रति असाधारण जुनून है और यही उन्हें लगातार सफलता दिला रहा है।
विकास सैनी, संचालक एवं प्रशिक्षक, बॉक्सिंग अकादमी
मेरे दोनों बेटे बॉक्सिंग से जुड़े हैं। बड़े बेटे गुरमेल ने जूनियर राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में तीन बार भाग लेकर एक स्वर्ण और दो रजत पदक जीते हैं। छोटे बेटे नितिन ने उज्बेकिस्तान में आयोजित सब जूनियर एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। नितिन का चयन भारतीय सेना की एमईजी में हुआ है और वह सेना की ओर से विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है।
पवन कुमार, खिलाड़ी के पिता
मैंने सब जूनियर हरियाणा राज्य बॉक्सिंग चैंपियनशिप में रजत पदक हासिल किया है। इस उपलब्धि से मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है। आगे भी कड़ी मेहनत कर राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतना और अपने परिवार, गांव व प्रदेश का नाम रोशन करना मेरा लक्ष्य है।
अक्षिता, बॉक्सिंग खिलाड़ी
नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतना मेरे लिए यादगार उपलब्धि है। इससे मुझे आगे बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिली है। मेरा लक्ष्य हर प्रतियोगिता में अपना सर्वश्रेष्ठ देना और देश के लिए पदक जीतना है।
श्रेयांश, बॉक्सिंग खिलाड़ी
राष्ट्रीय बॉक्सिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर मुझे बेहद खुशी हुई। मैं नियमित अभ्यास और कड़ी मेहनत के दम पर भविष्य में भी स्वर्ण पदक जीतकर अपने परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन करना चाहता हूं।
गुरमेल, बॉक्सिंग खिलाड़ी
गोहाना के गढ़ी उजाले खां के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले खि- फोटो : Archive
गोहाना के गढ़ी उजाले खां के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले खि- फोटो : Archive
गोहाना के गढ़ी उजाले खां के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले खि- फोटो : Archive
गोहाना के गढ़ी उजाले खां के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले खि- फोटो : Archive
गोहाना के गढ़ी उजाले खां के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले खि- फोटो : Archive
गोहाना के गढ़ी उजाले खां के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले खि- फोटो : Archive
गोहाना के गढ़ी उजाले खां के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले खि- फोटो : Archive