कलानौर। महम से बेरी रोड पर कलानौर पुलिस ने शुक्रवार की रात राजस्थान से यूपी दो ट्रकों में भरकर ले जाई जा रही 641 भेड़ व बकरियों को बरामद किया। साथ ही छह लोगों को पशु क्रूरता अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया, लेकिन आठ घंटे तक भेड़ व बकरियां ट्रकों के अंदर ही मिमियाती रही। 44 डिग्री तापमान के बीच एक बकरे ने दम भी तोड़ दिया। पूछने पर जांच अधिकारी ने दावा किया कि कुछ को पानी ट्रकों के अंदर तो कुछ को बाहर पिलाया।
पुलिस के मुताबिक शुक्रवार रात को सूचना मिली थी कि दो ट्रकों में भेड़ व बकरियां भरकर बेरी की तरफ ले जाई जा रही हैं। पुलिस ने कलानौर कॉलेज मोड़ के निकट नाकेबंदी कर उक्त दोनों गाड़ियों को रुकवाया व तलाशी ली तो 641 भेड़ व बकरी मिली। पुलिस ने वाहन चालक सहित पांच लोगों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया। आरोपी क्यूम, निवासी गांव भादरा जिला हनुमानगढ़ राजस्थान, राजू निवासी डढेरु थाना विधासर तहसील सुजानगढ़ जिला चुरु राजस्थान, सदाम निवासी गांव व थाना तारा नगर जिला चुरु राजस्थान, भगवाना राम निवासी गांव शिमलो थाना भानी पुरा जिला चुरु राजस्थान व अख्तर निवासी ज्ञंगासर जिला झुंझनु राजस्थान को पुलिस ने अदालत में पेश किया, जहां से जमानत मिल गई। साथ ही छह गाड़ियों में भेड़ व बकरियों को वापस राजस्थान भेजा गया।
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ड्राइवर बोला, मैंने ट्रक को छाया में खड़ा करने को बोला था
कलानौर पुलिस ने 641 भेड़, बकरियों को रात 12 बजे ही कब्जे में ले लिया था जिसके बाद साथ लगते दशहरा ग्राउंड में भरे हुए ट्रक को रात भर खड़ा रखा। ट्रक ड्राइवर हनुमान ने बताया कि उसने सुबह ही ट्रकों को छाया में खड़ा करवाने की मांग की, दोपहर 2 बजे तक दोनों गाड़ियां भेड़ बकरियों से भरी हुई धूप में जलती रही। दोपहर बाद वहीं पीपल के पेड़ के नीचे दोनों ट्रक खड़ा किया। इस कारण एक बकरे की मौत हो गई।
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ये बोले थाना प्रभारी
641 भेड़ बकरियां ठूस ठूस कर भरी हुई गाड़ी देर रात को पकड़ी गई थी। जिसमें पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मौके पर साथ लगते दशहरा ग्राउंड में पीपल के पेड़ की छांव में वाहनों को खड़ा कर दिया गया था। साथ लगते तालाब व ट्यूबवेल पर पीने के पानी की व्यवस्था थी। आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जमानत पर छोड़ दिया गया है। वही सभी भेड़ बकरियों को मालिक के सुपुर्द कर दिया गया है।
- रमेश कुमार, थाना प्रभारी कलानौर
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साथ में लगते तालाब में पानी पिलाया गया है। कुछ भेड़ बकरियों को गाड़ी से बाहर निकाला गया था। कुछ को बाल्टियों से ट्रक के अंदर ही पानी पिलाया गया है। सभी को बाहर निकालने की बात पर उनके मालिक ने कहा कि ये भेड़ व बकरी भाग जाएंगी, इसलिए सभी को बाहर नहीं निकाला।
- सुशील कुमार, जांच अधिकारी
फोटो कैप्शन
ट्रक में ठूस ठूस कर भरी भेड़ बकरियां ।
भूख प्यास से मरा पड़ा बकरा।
रिहाई का इंतजार करती भेड़ बकरियां।