रोहतक। डीसी कैप्टन मनोज कुमार ने कहा है कि राज्य सरकार ने रोहतक जिले का ऑक्सीजन कोटा 17 से बढ़ाकर 23 एमटी करने का फैसला किया है। अभी जिले को 17 एमटी ऑक्सीजन मिल रही है। इसे सभी 13 कोविड अस्पतालों को जरूरत के हिसाब से ऑक्सीजन का आवंटन किया जा रहा है। जैसे ही सरकार के पास ऑक्सीजन की उपलब्धता बढ़ेगी, जिले को 23 एमटी ऑक्सीजन मिलने लगेगी। उन्होंने शनिवार को पीजीआईएमएस के ऑक्सीजन टैंक का निरीक्षण किया। संस्थान के चिकित्सकों से सप्लाई व्यवस्था के प्रबंधों के बारे में जानकारी ली।
पीजीआई में दस-दस किलोलीटर के तीन टैंक हैं। इन टैंकों से पाइप के माध्यम से वार्डों में उपचाराधीन मरीजों को ऑक्सीजन पहुंचाई जाती है। मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. ओपी कालड़ा और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पुष्पा दहिया ने उपायुक्त को ऑक्सीजन टैंकों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पीजीआई का सात एमटी ऑक्सीजन का कोटा है। विशेषज्ञों की टीम ने आवश्यकता के अनुसार ऑक्सीजन का कोटा तय किया है। रोजाना पीजीआई को इतनी ऑक्सीजन उपलब्ध करवाई जा रही है। उपायुक्त ने लोगों से कहा कि ऑक्सीजन को लेकर बार-बार अफवाह न फैलाएं।
साप्ताहांत लॉकडाउन का किया निरीक्षण
पीजीआई का दौरा करने के बाद डीसी कैप्टन मनोज ने शहर के अलग-अलग इलाकों में जाकर साप्ताहांत लॉकडाउन का निरीक्षण किया। उन्होंने महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, दिल्ली बाईपास, जाट भवन, शीला बाईपास, सुखपुरा चौक व गोहाना अड्डा आदि इलाकों का दौरा किया। उन्होंने कहा कि साप्ताहांत लॉकडाउन के आदेशों का पालन करवाने के लिए एडीसी महेंद्र पाल को ओवरऑल इंचार्ज बनाया गया है। अगर कोई साप्ताहांत लॉकडाउन का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। जनहित में ही साप्ताहांत लॉकडाउन लगाने का फैसला किया गया है, इसलिए सभी को इसका पालन करना चाहिए। निरीक्षण के दौरान एसडीएम राकेश सैनी भी मौजूद थे।