संयोजक ने कहा कि पंजाब हरियाणा का बड़ा भाई है उसे हरियाणा के हक का पानी देने में किसी प्रकार की टालमटोल नहीं करनी चाहिए। पंचायत में सभी किसान नेताओं व किसान यूनियन के सदस्य आमंत्रित हैं।
हरियाणा की जीवन रेखा मानी जाने वाली सतलुज यमुना लिंक नहर में पंजाब से पानी लाने के लिए अब फिर एक बार आंदोलन हो सकता है। इसकी शुरुआत महम चौबीसी के ऐतिहासिक चबूतरे से होगी। महम चौबीसी अठगामा पंचायत के आयोजक शमशेर खरकड़ा ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि 25 जून को सुबह 10 बजे महम के चबूतरे पर ऐतिहासिक पंचायत होगी। पंचायत पूरी तरह से गैर राजनीतिक होगी।
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उन्होंने कहा कि पंजाब हरियाणा का बड़ा भाई है उसे हरियाणा के हक का पानी देने में किसी प्रकार की टालमटोल नहीं करनी चाहिए। जब हरियाणा अलग हुआ तो उसको उसके हिस्से का पानी नहीं मिल सका। जिसके लिए सभी राजनीतिक दल जिम्मेदार हैं। पंचायत में सिर्फ अपने हिस्से का पानी लाने के लिए अपनाई जाने वाली रणनीति के बारे में विचार किया जाएगा।
पंचायत किसी के नेतृत्व में न होकर सार्वजनिक रूप से होगी। राज्य स्तरीय पंचायत में सभी किसान नेताओं व किसान यूनियन के सदस्य आमंत्रित हैं। संयोजक ने बताया कि पहले भी एसवाईएल के पानी के लिए संघर्ष की रूपरेखा तैयार की गई थी। लेकिन उस समय किसान आंदोलन के चलते इसको स्थगित कर दिया गया था।